इंदौर। मध्यप्रदेश में सार्वजनिक यात्री परिवहन व्यवस्था को आधुनिक, सुरक्षित, सुगम और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में आयोजित ‘यात्री परिवहन विजन समिट–2026’ में प्रदेश की नई बस परिवहन व्यवस्था का रोडमैप सामने आया। समिट में परिवहन विभाग, बस ऑपरेटरों, टेक कंपनियों, स्टार्टअप्स, AI विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने यात्री परिवहन के भविष्य को लेकर विचार-विमर्श किया।

20 साल बाद फिर शुरू होगी राज्य बस परिवहन सेवा

परिवहन विभाग के सचिव मनीष सिंह ने प्रेजेंटेशन के माध्यम से बताया कि वर्ष 2005 में राज्य सड़क परिवहन निगम की सेवाएं स्थगित होने के बाद करीब 20 वर्षों तक प्रदेश में बसों का संचालन मुख्य रूप से निजी ऑपरेटरों के माध्यम से होता रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में दोबारा बस परिवहन सेवा शुरू करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत मध्यप्रदेश यात्री परिवहन कंपनी (MPYPIL) के माध्यम से प्रदेश में बस सेवाओं का संचालन किया जाएगा।

राज्य स्तर पर यात्री परिवहन कंपनी का गठन किया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में 7 क्षेत्रीय सहायक कंपनियां बनाई गई हैं। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में परिवहन सलाहकार समितियां गठित की गई हैं, जिनमें जनप्रतिनिधियों को भी शामिल किया गया है।

55 जिलों के रूट्स का सर्वे, 1190 पद मंजूर

परिवहन विभाग के अनुसार प्रदेश के करीब 55 जिलों में बस रूट्स का सर्वे पूरा किया जा चुका है। बस सेवाओं के संचालन के लिए 1190 विशेषज्ञ पदों को मंजूरी दी गई है।

एमपी ऑनलाइन और TCS के माध्यम से मध्यप्रदेश यात्री परिवहन कंपनी में भर्ती प्रक्रिया संचालित की जा रही है। अधिकारियों के मुताबिक देशभर के युवाओं में इन अवसरों को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।

प्रस्तावित बस सेवा के रूट डेटा आधारित होंगे। इसके तहत 150 सिटी बस रूट, 450 इंटरसिटी रूट और 436 इंटरस्टेट रूट का सर्वे किया गया है।

सुरक्षा और तकनीक पर विशेष जोर

नई बस परिवहन व्यवस्था में यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। बसों में CCTV कैमरे, ड्राइवर मॉनिटरिंग सिस्टम, पैनिक बटन, GPS और लाइव लोकेशन जैसी सुविधाएं शामिल की जाएंगी।

परिवहन व्यवस्था को पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए इलेक्ट्रिक और CNG बसों को प्राथमिकता देने की योजना है। समिट में स्टार्टअप्स और AI विशेषज्ञों की भागीदारी के जरिए तकनीकी नवाचारों पर भी चर्चा की गई।

पीथमपुर में बनेगा देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस कारखाना

समिट के दौरान एका मोबिलिटी, पुणे के चेयरमैन सुधीर मेहता ने बताया कि उनकी कंपनी मध्यप्रदेश में पिछले 30 वर्षों से काम कर रही है और प्रदेश में उसके पहले से चार कारखाने हैं।

उन्होंने कहा कि कंपनी का पांचवां कारखाना पीथमपुर में स्थापित किया जाएगा, जो देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक बस कारखाना होगा। इस संयंत्र में प्रतिवर्ष करीब 5,000 इलेक्ट्रिक बसों का निर्माण किया जाएगा।

सुधीर मेहता के अनुसार राज्य सरकार के सहयोग से यह कारखाना रिकॉर्ड 14 महीने में स्थापित किए जाने की तैयारी है। उन्होंने मध्यप्रदेश को सोलर सरप्लस स्टेट बताते हुए कहा कि इससे इलेक्ट्रिक वाहनों के संचालन को भी लाभ मिलेगा।

विकसित मध्यप्रदेश में उद्योग जगत देगा योगदान

यश टेक्नोलॉजी के धर्मेंद्र जैन ने कहा कि उनकी कंपनी ने पिछले 28 वर्षों में 20 हजार से अधिक लोगों को रोजगार दिया है। उन्होंने कहा कि विकसित मध्यप्रदेश की यात्रा में उनकी कंपनी पूरे उत्साह के साथ योगदान देने के लिए तैयार है।

इंदौर को भी मिलेगा सुगम परिवहन का लाभ

इंदौर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में यात्री परिवहन लंबे समय से बड़ी समस्या रहा है। मुख्यमंत्री की दूरदृष्टि के कारण इस समस्या के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है।

उन्होंने कहा कि इंदौर और मालवा क्षेत्र को सुगम परिवहन बस योजना का लाभ मिलेगा। जनभागीदारी के माध्यम से क्लीन और सेफ बस सिस्टम विकसित कर गांवों को शहरों से जोड़ा जाएगा। इससे प्रतिवर्ष करीब 70 हजार टन से अधिक कार्बन उत्सर्जन रोकने में मदद मिलने का अनुमान है।

PPP मॉडल में नवाचार करने वाला पहला राज्य बनेगा MP

ऑल इंडिया बस एंड कार कॉन्फेडरेशन के प्रेसिडेंट प्रसन्ना पटवर्धन ने कहा कि देशभर में बस परिवहन व्यवस्था प्रतिदिन करीब 40 करोड़ लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है।

उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बस परिवहन सेवा में PPP मॉडल का नवाचार करने वाला पहला राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य परिवहन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यात्रियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

‘सेवा संकल्प माह’ में बस सेवा जमीन पर उतारने का लक्ष्य

मध्यप्रदेश के परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रदेश में सुगम यात्री परिवहन सेवा शुरू करना एक ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि ई-बसों का लाभ ग्रामीण अंचलों तक भी पहुंचाया जाएगा।

परिवहन मंत्री ने कहा कि ‘यात्री परिवहन विजन समिट–2026’ से निकला मंथन परिवहन विभाग के लिए रामायण और गीता के समान मार्गदर्शक होगा। उन्होंने कहा कि समिट में हुआ विचार-विमर्श राज्य सरकार के संकल्पों को पूरा करने में सहायक बनेगा।

उन्होंने बताया कि गत वर्ष 1 अप्रैल को सुगम परिवहन यात्री बस सेवा शुरू करने को मंजूरी दी गई थी। अब प्रदेश स्तर पर बस ऑपरेशन के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।

परिवहन मंत्री के अनुसार नई परिवहन व्यवस्था से यात्रियों के साथ-साथ बस ऑपरेटर्स को भी लाभ मिलेगा और ‘सेवा संकल्प माह’ में बस ऑपरेशन को जमीन पर उतारने का लक्ष्य रखा गया है।

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