पब्लिक फर्स्ट।
मिलिट्री एडवाजर्स के साथ पुतिन से होगी मुलाकात; हथियारों की डील पर अमेरिका की नजर
नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन चार साल बाद अपने पहले विदेश दौरे पर रूस जा रहे हैं। BBC की रिपोर्ट के मुताबिक उनकी प्राइवेट ट्रेन ने रूस में एंट्री कर ली है। किम जोंग उन के साथ मिलिट्री के टॉप कमांडर भी हैं। रूस के मीडिया के मुताबिक रूस के व्लादिवोस्तोक शहर में किमजोंग उन और पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी होगी।
पुतिन इससे पहले 2019 में भी किम जोंग उन से व्लदिवोस्तोक शहर में ही मिले थे। क्रेमलिन के प्रवक्ता डिमिट्री पेस्कोव ने कहा है कि पुतिन और किमजोंग उन की मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर बनाएगी। इस बीच अमेरिका के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि उनकी नजर इस मुलाकात पर रहेगी।
वो नॉर्थ कोरिया से अपील करते हैं कि वो रूस को किसी भी तरह के हथियार न दें। किम जोंग उन की प्राइवेट ट्रेन में उनके साथ डिफेंस मिनिस्टर, फॉरेन मिनिस्टर और स्पेस टेक्नॉलोजी के इंचार्ज हैं। NK न्यूज के मुताबिक कोरिया की सेना के मार्शल री प्योंग चोल, पाक जोंग चोन और किम म्योक सिक भी ट्रेन पर तानाशाह के साथ मौजूद हैं।
तानाशाह की ट्रेन में 20 बुलेटप्रूफ गाड़ियां
BBC के मुताबिक किम जोंग उन की बख्तरबंद ट्रेन में 20 बुलेटप्रूफ गाड़ियां भी हैं। इससे ट्रेन और भारी होती है, जिसका असर उसकी स्पीड पर भी पड़ता है। वो 59 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ज्यादा तेज नहीं चल पाती है।
इस ट्रेन को 1949 में किम के दादा किम इल संग को स्टालिन ने गिफ्ट किया था। ये कई डिब्बों वाली इंटर-कनेक्टेड ट्रेन है। जब भी किम उत्तर कोरिया या चीन की यात्रा करते हैं तो उनका सारा लाव-लश्कर इसी ट्रेन में उनके साथ होता है।
हालांकि, इस ट्रेन को लेकर ज्यादा जानकारी उपलब्ध नहीं है। इस ट्रेन में ट्रैवल कर चुके पुराने अधिकारियों के मुताबिक ट्रेन में एक कॉन्फ्रेंस रूम भी है, जहां किम जोंग काम कर सकते हैं। NK न्यूज ने रूसी विदेश मंत्रालय के अधिकारी के हवाले से बताया है कि ट्रेन में फ्रेंच वाइन के केस हैं। साथ ही खाने के लिए जिंदा लॉब्स्टर रखे जाते हैं।
किन वजहों से हो रही पुतिन- किमजोंग उन की मुलाकात
BBC के मुताबिक नॉर्थ कोरिया के पास लाखों की संख्या में आर्टिलेरी शेल और रॉकेट हैं। जो उसने सालों लगाकर बनाए हैं, हालांकि, कोई जंग नहीं होने की वजह से इनका इस्तेमाल नहीं किया।
जुलाई में रूस के रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगू ने नॉर्थ कोरिया का दौरा किया था। इस दौरान उन्होंने किम जोंग उन के हथियारों का भी जायजा लिया था। न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक रूस नॉर्थ कोरिया से ऑर्टिलरी शेल्स और एंटी टैंक मिसाइल चाहता है। इसके बदले में नॉर्थ कोरिया रूस से सैटेलाइट और न्यूक्लियर सबमरीन टेक्नोलॉजी की मांग करेगा।
इसके अलावा किम जोंग उन अपने देश के लिए खाद्य सहायता भी चाहते हैं। दरअसल, नॉर्थ कोरिया में अनाज की काफी किल्लत रहती है, जबकि रूस 2017 में दुनिया में सबसे ज्यादा अनाज उगाने का रिकॉर्ड बना चुका है।
ट्रेन, कार प्लेन कैसे विदेश यात्राओं पर जाते हैं किम जोंग उन
बख्तरबंद ट्रेन –
विदेशों में बख्तरबंद ट्रेन से सफर करने की असली शुरुआत किम जोंग उन के दादा किम इल सुंग ने कि थी। उन्होंने वियतनाम और पूर्वी यूरोप में कई हिस्सों में इसी ट्रेन में विजिट की थी। साथ ही किम के पिता किम जोंग इल भी इसी ट्रेन से सफर करते थे। माना जाता है की वो हवाई जहाज में उड़ान भरने से डरते थे। 2001 में किम जोंग इल इसी ट्रेन से 10 दिन तक सफर करके पुतिन से मिलने मॉस्को पहुंचे थे।
यह ट्रेन जितनी आलीशान है उतनी ही सिक्योर भी है। इस ट्रेन में दर्जनों सिक्योरिटी एजेंट्स किम के साथ सफर करते हैं, जो सभी ट्रेन के रूट को स्कैन करते हैं। साथ ही आने वाले रेलवे स्टेशन पर बम और अन्य खतरों को टालते है।
इस ट्रेन में रूसी, चीनी, कोरियाई, जापानी और फ्रांस के प्रसिद्ध और मनचाहे व्यंजन कभी भी बनाए जा सकते हैं। ट्रेन में मनोरंजन के लिए लाईव डांसिंग और सिंगिंग का प्रबंध है। किसी इमरजेंसी सिचुएशन को संभालने के लिए सैटलाइट फोन, टीवी, कॉन्फ्रेंस रूम और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस एक बख्तरबंद ट्रेन में 90 बख्तरबंद बोगियां हैं।
प्राइवेट प्लेन –
किम के पास इल्यूशिन IL-62 नाम का प्राइवेट प्लेन है। इसे चाम्मै-1 के नाम से भी जाना जाता है, जो नॉर्थ कोरिया के राष्ट्रीय पक्षी गोशाक के नाम से प्रेरित है।
इस विमान का इंटीरियर काफी हद तक अमेरिका के एयर फोर्स 1 की तरह बनाया गया है। हालांकि, सुरक्षा के मामलों में वह कमजोर है। प्लेन में किम के आराम के लिए बेडरूम और मीटिंग के लिए कॉन्फ्रेंस रूम बनाया गया है। मेडिकल टीम और सिक्योरिटी एजेंट्स हर दम मौजूद होते हैं।
लग्जरी कार –
किम के पास मर्सिडीज-बेंज एस-क्लास कार है। यह उनके साथ ही हर जगह ट्रेन और प्लेन में ले जाई जाती है। इस कार को 2010 में लगभग 15 करोड़ में बनाया था। यह कार बुलेट प्रूफ है और मामूली बम धमाकों को झेल सकती है। जब यह कार रोड पर चलती है तब इसके आस-पास नॉर्थ कोरियन सिक्योरिटी एजेंट्स साथ रहते हैं।
मर्सिडीज-बेंज के अलावा किम के साथ उनके काफिले में कई बख्तरबंद कारें चलती हैं। उनमें से एक में कस्टमाइज्ड बाथरूम भी बनाया गया है।
