पब्लिक फर्स्ट। बेंगलुरू।
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) ने दो सीटों वाला पहला हल्का लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस, बुधवार को वायुसेना को सौंप दिया. बेंगलुरु स्थित कंपनी के मुख्यालय ने कहा कि दो सीटों वाले इस विमान में वायुसेना की प्रशिक्षण जरूरतों में सहयोग की सारी क्षमताएं हैं और आवश्यकता पड़ने पर यह लड़ाकू की भूमिका भी निभाता है।
वायुसेना को ‘एलसीए तेजस’ सौंपे जाने के कार्यक्रम में रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट मुख्य अतिथि थे. कार्यक्रम के दौरान एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल वी. आर. चौधरी एवं अन्य की उपस्थिति में दो सीटों वाले एलसीए विमान का अनावरण किया गया. विमान को निरीक्षण के बाद सेवा (आरएसडी) के लिए सौंपा गया.
4.5 श्रेणी का विमान
दो सीटों वाला ‘एलसीए तेजस’ एक हल्का, हर मौसम में बहुआयामी भूमिका निभाने में सक्षम 4.5 श्रेणी का विमान है. एचएएल ने कहा कि यह समकालीन अवधारणाओं और प्रौद्योगिकियों का एक मेल है।
कंपनी ने कहा कि इससे भारत उन विशिष्ट देशों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने ऐसी क्षमताएं विकसित की हैं और उन्हें अपने रक्षा बलों में शामिल किया है।
पहले ही 18 ऑर्डर मिले हुए हैं
एचएएल को एलसीए ट्रेनर के लिए पहले ही 18 ऑर्डर मिले हुए हैं, जिनमें से आठ को 2023 से 2024 तक के बीच में वायु सेना को सौंपना है। बाकी शेष 10 एयरक्राफ्ट की 2026 और 2027 तक आपूर्ति की जाएगी। कंपनी ने कहा कि इसके अलावा भारतीय वायुसेना से भी और ऑर्डर मिलने की उम्मीद है।
आत्मनिर्भर भारत’ पहल का एक उदाहरण
कंपनी ने कहा कि यह भारत सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का एक और उदाहरण है।
एचएएल ने कहा, ‘आज का यह ऐतिहासिक आयोजन दो सीटों वाले एलसीए विमान के उत्पादन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा, जिसे नए-नए पायलटों को दो सीटों वाले विमान के जरिए लड़ाकू पायलट के रूप में प्रशिक्षित करने के रणनीतिक इरादे से डिजाइन किया गया है।
