- अगर काटा या मारा न जाए तो मनुष्यों के लिए बंकरों की उपयोगिता ज़बर्दस्त है
• बकरा मुख्यतः प्रजनन (प्रजनक नर) के लिए रखा जाता है, जिससे बकरियों से अच्छी नस्ल के बच्चे पैदा हो सकें।
• बकरा अपने मल-मूत्र से जैविक खाद देता है, जो खेती के लिए उपयोगी है।
• बकरा झाड़ियाँ, घास आदि चरकर बंजर भूमि को उपजाऊ बनाने में मदद करता है।
बकरा बीजों का फैलाव करता है
- जब वह पौधों के बीज खाता है, तो मल के साथ ये बीज भूमि में फैल जाते हैं, जिससे नई वनस्पति उगती है।
- बकरा कठिन, अनुपजाऊ और कंटीली भूमि पर भी जीवित रह सकता है, जिससे ऐसी भूमि का पुनरुद्धार होता है।
- बकरा झाड़ियों को नियंत्रित करता है, जिससे भूमि क्षरण कम होता है और पारिस्थितिकी संतुलन बना रहता है।
बकरों की विशेषताएँ
- बकरा अत्यंत सहनशील, मजबूत और कठिन परिस्थितियों में भी जीवित रहने में सक्षम है।
- उसमें नेतृत्व और झुंड की सुरक्षा की प्रवृत्ति होती है।
- बकरा फुर्तीला, जिज्ञासु और अक्सर अन्य बकरियों का मार्गदर्शन करता है
पर्यावरण और प्रकृति में बकरों का महत्व
• बकरा पारिस्थितिकी तंत्र में बीज फैलाव, झाड़ियों की सफाई और भूमि की उर्वरता बढ़ाने में सहायक है।
• ये शाकाहारी जीव खाद्य श्रृंखला में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
• बकरों की उपस्थिति से चरागाहों का संतुलन बना रहता है और जैव विविधता को बढ़ावा मिलता है।
निष्कर्ष:
बकरा प्रजनन, भूमि सुधार, पर्यावरण संतुलन और जैव विविधता के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। ईश्वर ने इसे कठोर, सहनशील और प्रकृति के लिए लाभकारी बनाया है।
publicfirstnews.com
publicfirstnews.com
