पब्लिक फर्स्ट। पटना ।ब्यूरो ।
बिहार में आगामी चुनावों से पहले सियासी गर्मी तेज हो गई है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उनका और उनकी पत्नी का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है, जबकि उन्होंने किसी तरह का स्थानांतरण या बदलाव नहीं किया था।
पटना में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करते हुए कहा,
“जो दो गुजराती कहेंगे, आयोग वही करेगा। यह लोकतंत्र के लिए बड़ा खतरा है।”
तेजस्वी ने दावा किया कि राज्य में करीब 65 लाख मतदाताओं के नाम बिना स्पष्ट कारणों के वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। उन्होंने इसे एक बड़ी साजिश करार दिया और कहा कि यह लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
हालांकि, इस दावे को पटना के जिलाधिकारी ने खारिज करते हुए कहा है कि तेजस्वी यादव का नाम मतदाता सूची में क्रमांक 416 पर दर्ज है और वे पूरी तरह से चुनाव लड़ने के पात्र हैं। चुनाव आयोग के अधिकारियों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि नाम लिस्ट में बरकरार है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस को जन्म दे दिया है। जहां विपक्ष आयोग पर पक्षपात का आरोप लगा रहा है, वहीं प्रशासन और आयोग इस तरह के आरोपों को निराधार बता रहे हैं।
