पब्लिक फर्स्ट। देवास ।अनिल उपाध्याय ।

देवास जिले के कांटाफोड़ क्षेत्र में मजदूरों से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली पलटने से अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग शामिल थे। हादसे के बाद घायलों को इलाज के लिए कांटाफोड़ के सरकारी अस्पताल लाया गया, लेकिन वहां चिकित्सक नदारद मिले। मजबूरन परिजनों को घायलों को सतवास, कन्नौद और निजी अस्पतालों में ले जाकर उपचार कराना पड़ा।

इस स्थिति से स्थानीय जनता में भारी आक्रोश फैल गया। नगर पंचायत अध्यक्ष कैलाश अमोदिया, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजाराम यादव, और नेता गुरमीत भाटिया ने समर्थकों के साथ मिलकर बस स्टैंड पर विरोध प्रदर्शन कर अस्पताल में डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति की मांग की।

यह कोई पहली बार नहीं है — दो दिन पहले एक मृतक का पोस्टमार्टम कराने के लिए भी 32 किलोमीटर दूर कन्नौद अस्पताल ले जाना पड़ा क्योंकि कांटाफोड़ अस्पताल में कोई डॉक्टर उपलब्ध नहीं था।

कांटाफोड़ अस्पताल पर करीब 30 गांवों की आबादी निर्भर है, लेकिन लंबे समय से चिकित्सकों की कमी बनी हुई है। इसके कारण आपात स्थिति में भी मरीजों को दूर-दराज के अस्पतालों की शरण लेनी पड़ती है।

publicfirstnews.com

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