पब्लिक फर्स्ट। उज्जैन। अमृत बैंडवाल ।

इंदौर और आसपास के क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश के बाद उज्जैन की जीवनदायिनी शिप्रा नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। देर रात से नदी का पानी घाटों पर बने मंदिरों तक पहुँच गया, जिसके कारण कई धार्मिक स्थल जलमग्न हो गए।

श्राद्ध पक्ष होने की वजह से तर्पण और पूजा जैसे धार्मिक कार्य घाटों की बजाय वैकल्पिक स्थानों पर कराए जा रहे हैं। प्रशासन ने एहतियातन घाटों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं की आवाजाही रोकी।

हालात और प्रशासनिक तैयारी

  • शिप्रा का पानी छोटे पुल से 5 फीट ऊपर बह रहा है।
  • महाकाल लोक और रामघाट सहित कई धार्मिक स्थल जलभराव से प्रभावित।
  • नगर निगम, एसडीईआरएफ और पुलिस बल निगरानी और रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे।
  • बीती रात उज्जैन में 3.36 इंच बारिश दर्ज की गई।
  • मौसम विभाग ने अगले दो दिन के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

धार्मिक गतिविधियाँ प्रभावित

श्राद्ध पक्ष के कारण बड़ी संख्या में लोग तर्पण और पिंडदान के लिए उज्जैन आए थे। पानी बढ़ने से पुजारियों और श्रद्धालुओं को घाट से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर तर्पण कराया जा रहा है।

प्रशासन की अपील

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में न जाएँ और सुरक्षा टीमों के निर्देशों का पालन करें।

publicfirstnews.com

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