पुलवामा: जिले में सिंचाई व्यवस्था को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने हजारों किसानों और उनके परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। सिंचाई सुविधा समिति ने जावेद रहीम के नेतृत्व में प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए, जिनसे स्पष्ट होता है कि 120 गांवों के हिस्से का पानी कथित तौर पर अन्य स्थानों की ओर मोड़ा जा रहा है।
समिति के अनुसार, जिन गांवों के लिए यह पानी निर्धारित है, वहां तक केवल सीमित मात्रा में ही जल पहुंच रहा है। इससे कृषि कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और किसानों की फसलें खतरे में पड़ गई हैं।
निरीक्षण के दौरान समिति ने जल वितरण प्रणाली, नहरों और संबंधित संरचनाओं का गहन अध्ययन किया। समिति का कहना है कि पानी का वितरण न तो पारदर्शी है और न ही न्यायसंगत। कई जगहों पर नियमों को नजरअंदाज कर पानी को दूसरे इलाकों की ओर मोड़ा जा रहा है, जिससे मूल लाभार्थी गांव वंचित रह गए हैं।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो हजारों किसान और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट का सामना करेंगे। कृषि पर निर्भर इन परिवारों के लिए सिंचाई का पानी जीवनरेखा के समान है। पानी की कमी से न केवल फसल उत्पादन घटेगा, बल्कि क्षेत्र की खाद्य सुरक्षा पर भी असर पड़ेगा।
सिंचाई सुविधा समिति ने संबंधित विभागों और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। समिति का साफ कहना है कि पानी का वितरण पूरी तरह निष्पक्ष, नियमों के अनुसार और सभी गांवों को बराबरी के आधार पर किया जाना चाहिए।
जावेद रहीम ने कहा, “यह केवल पानी का मुद्दा नहीं है, यह किसानों के भविष्य और उनके परिवारों की रोजी-रोटी का सवाल है। अगर समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो स्थिति और भी भयावह हो सकती है।”
इस खुलासे के बाद स्थानीय किसानों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का कहना है कि वे लंबे समय से इस समस्या की शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कई किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं किया गया, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।
अब सभी की नजरें प्रशासन और सिंचाई विभाग पर टिकी हैं कि वे इस गंभीर मुद्दे पर कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी कार्रवाई करते हैं। अगर समय रहते सुधार नहीं किया गया, तो पुलवामा जिले में कृषि संकट और गहरा सकता है।
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