नागदा: नागदा शहर में एक निजी क्लिनिक में नर्स के रूप में कार्यरत एक हिंदू युवती के साथ कथित छेड़छाड़ की घटना ने शहर का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। परिजनों का आरोप है कि क्लिनिक के सामने आटा चक्की चलाने वाले नासिर हुसैन, बिलाल अहमद, अली अहमद और उनके अन्य साथियों द्वारा युवती को पिछले छह महीनों से परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि आरोपी वीडियो बनाने और बदनाम करने की धमकियां भी देते थे।
रविवार को आरोपियों ने कथित रूप से अपनी बदतमीजी की सारी हदें पार कर दीं। जब युवती ने इसका विरोध किया, तो आरोप है कि उसे जान से मारने की धमकी दी गई और चेतावनी दी गई कि यदि वह पुलिस के पास गई तो गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा।
घटना के तुरंत बाद पीड़िता डॉक्टर के साथ थाने पहुंची ताकि रिपोर्ट दर्ज कराई जा सके। लेकिन आरोप है कि पुलिस ने 6 से 8 घंटे तक FIR दर्ज नहीं की। इस देरी और टालमटोल से नाराज होकर युवती ने हिंदू संगठनों के साथ थाने के बाहर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
संगठनों और नेताओं की मौजूदगी
सूचना फैलने के बाद बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए। साथ ही भाजपा के पूर्व विधायक दिलीप सिंह शेखावत भी मौके पर पहुंचे।
बढ़ते दबाव के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी अन्य मांगों पर अड़े रहे, जिसमें आरोपियों का सार्वजनिक जुलूस निकालने की मांग भी शामिल थी।
पुलिस का पक्ष
नागदा CSP विक्रम अहिरवार ने बताया कि FIR दर्ज करने में 2–3 घंटे का विलंब हुआ था। उन्होंने कहा कि लोगों ने इस देरी पर आपत्ति जताई, जिसके बाद FIR तत्काल दर्ज कर दी गई। CSP ने यह भी बताया कि एक कांस्टेबल द्वारा कथित बदतमीजी के आरोपों को संज्ञान में लिया गया है और CCTV फुटेज की मदद से जांच की जाएगी।
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