जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में हाल ही में छात्रों द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ नारे लगाने की घटना ने राजनीति और सामाजिक मंचों पर बहस को जन्म दिया है। इस घटना पर मंत्री विश्वास सारंग ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और इसे निंदनीय और देशद्रोह की श्रेणी में आने वाला बताया।
मंत्री सारंग ने कहा कि,
“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को गाली देना केवल व्यक्तियों को नहीं बल्कि देश की जनता को गाली देना है। यह मानसिकता देश को तोड़ने वाली ताकतों से जुड़ी हुई है।”
सारंग ने विपक्ष पर साधा निशाना
विश्वास सारंग ने इस मामले में विपक्षी नेताओं पर भी हमला किया। उन्होंने कहा कि यह मानसिकता राहुल गांधी के विदेशी दौरे से उत्पन्न हुई है। मंत्री के अनुसार, “जब राहुल गांधी विदेश दौरे में जाकर भारत के मान-सम्मान को ठेस पहुँचाते हैं, तो ऐसे विचारों और मानसिकता को संरक्षण मिलता है। विपक्ष के नेता आतंकवाद को भी संरक्षण देने का काम करते आए हैं।”
उन्होंने इस घटना को शिक्षण संस्थानों में देशद्रोही और संविधान विरोधी बातों का उदाहरण बताया। मंत्री का कहना है कि भारत में रहने वाला कोई भी देशभक्त नागरिक इस प्रकार की मानसिकता और गतिविधियों को स्वीकार नहीं करता।
जेएनयू की छात्रसंख्या पर बयान
विश्वास सारंग ने विशेष रूप से कहा कि यह मानसिकता जेएनयू के सभी विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उन लोगों की है जो इस देश को तोड़ने की मानसिकता रखते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे विचारों और गतिविधियों को हर सूरत में निरस्त और निंदनीय माना जाना चाहिए।
जेएनयू में इस प्रकार के नारेबाजी की घटनाओं ने देशभर में बहस को जन्म दिया है। कुछ विश्लेषक इसे छात्र स्वतंत्रता और विरोध की अभिव्यक्ति मानते हैं, जबकि सरकार और मंत्री इसे देशद्रोह और संविधान के खिलाफ कार्रवाई का मामला करार देते हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर निगरानी और जांच कर रही हैं।
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