स्वामी विवेकानंद जी की 163वीं जयंती पर मध्यप्रदेश में ऊर्जा, योग और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। राज्य स्तरीय सामूहिक सूर्य नमस्कार कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने योग, पर्यावरण, जीवन मूल्यों और आत्मनिर्भर भारत का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सूर्य नमस्कार केवल एक योग अभ्यास नहीं है, बल्कि यह जीवन में ऊर्जा, अनुशासन और सकारात्मकता लाने का माध्यम है।
उन्होंने युवाओं और नागरिकों को प्रेरित करते हुए कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह जीवन को उत्कृष्टता की ओर ले जाने वाला समग्र मार्ग है।
डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में भारतीय परंपरा, योग विज्ञान और युवाओं के चरित्र निर्माण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि सूर्य नमस्कार का अभ्यास सूर्य नारायण से जुड़ा हुआ है, जो समूची सृष्टि में ऊर्जा और जीवन का संचार करता है।
कार्यक्रम में हजारों विद्यार्थियों, युवाओं और नागरिकों ने एक साथ सूर्य नमस्कार किया और स्वस्थ भारत का संकल्प लिया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नियमित योग अभ्यास से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य बल्कि मानसिक और आत्मिक विकास भी सुनिश्चित होता है।
- यह कार्यक्रम भारतीय संस्कृति और योग पर आधारित था।
- युवाओं में स्वस्थ जीवन और अनुशासन की भावना को बढ़ावा देना इसका मुख्य उद्देश्य था।
- सामूहिक सूर्य नमस्कार ने एकता और ऊर्जा का संदेश सभी उपस्थित लोगों तक पहुँचाया।
सुनिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संदेश:
“सूर्य नमस्कार केवल व्यायाम नहीं है, यह जीवन में अनुशासन और सकारात्मकता लाने का मार्ग है। योग से शरीर, मन और आत्मा में संतुलन आता है, और यही एक समग्र स्वस्थ भारत का मूल आधार है।”
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