भोपाल से विधायक रामेश्वर शर्मा ने भोजशाला में सरस्वती पूजा को लेकर कांग्रेस नेता डिग्विजय सिंह से सीधे सवाल उठाए हैं। रामेश्वर शर्मा ने कहा कि यदि इतिहास और परंपरा को देखा जाए तो इस पूजा पर कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने डिग्विजय सिंह से पूछा कि क्या राजा भोज परमार वंश के थे और क्या उनका जन्म भारत में हुआ था।

उनका कहना है कि यदि राजा भोज परमार वंश के थे और भारत में जन्मे थे, तो भोजशाला उन्हीं द्वारा बनाई गई थी। साथ ही, राजा भोज और परमार वंश की कुलदेवी मां सरस्वती हैं, इसलिए भोजशाला में मां सरस्वती की पूजा होती है।

रामेश्वर शर्मा ने यह भी सवाल किया कि क्या डिग्विजय सिंह मां सरस्वती को माता मानते हैं और क्या वे मानते हैं कि राजा भोज का जन्म भारत में हुआ था। उन्होंने कहा कि यदि राजा भोज परमार वंश के थे और उनकी कुलदेवी मां सरस्वती थीं, तो भोजशाला में पूजा पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए।

विधायक ने ज्ञान और समावेशिता पर जोर देते हुए कहा कि ज्ञान की देवी सभी को समान रूप से ज्ञान देती हैं और सभी मिलकर पूजा कर सकते हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि डिग्विजय सिंह इस्लाम के ज्ञानी माने जाते हैं, लेकिन सांस्कृतिक विरासत और इतिहास को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

रामेश्वर शर्मा के बयान ने भोजशाला को लेकर इतिहास, धर्म और संस्कृति पर बहस को बढ़ा दिया है। उनका कहना है कि यदि सभी तथ्यों को स्वीकार किया जाए, तो भोजशाला में सरस्वती पूजा पर किसी प्रकार का विवाद नहीं होना चाहिए।

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