देशभर में यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों को लेकर विरोध तेज़ होता जा रहा है। इसी कड़ी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के छात्रों ने भी खुलकर विरोध दर्ज कराया है। छात्रों ने यूजीसी के नए प्रावधानों को “काला कानून” बताते हुए इसे सामान्य वर्ग के खिलाफ बताया।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि नए नियमों के तहत शिकायतों की जांच के लिए बनने वाली समिति में केवल एससी, एसटी, ओबीसी और दिव्यांग वर्ग के प्रोफेसरों को शामिल करने का प्रावधान किया गया है।

छात्रों का आरोप है कि इस व्यवस्था में सामान्य वर्ग का कोई प्रतिनिधित्व नहीं रखा गया है, जिससे निष्पक्ष जांच पर सवाल खड़े होते हैं।

छात्रों ने कहा कि जब समिति में सामान्य वर्ग का कोई सदस्य ही नहीं होगा, तो उनकी शिकायतों को कौन सुनेगा और न्याय कैसे मिलेगा। यह नियम पक्षपात को बढ़ावा देने वाला है और छात्रों के अधिकारों के खिलाफ है।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि समिति में सभी वर्गों का समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाए ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था बनी रहे।

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