छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान सिरपुर से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां तीन दिवसीय सिरपुर महोत्सव का आज भव्य शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि सिरपुर की ऐतिहासिक और पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और विकास के लिए सरकार विशेष प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि यहां आधुनिक सड़क, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग सुविधा, पर्यटक सुविधा केंद्र और अंतर्राष्ट्रीय स्तर का टूरिस्ट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान है, जहां सनातन, बौद्ध और जैन संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिलता है। उन्होंने बताया कि सिरपुर को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने के लिए भी सरकार गंभीर प्रयास कर रही है।

“सिरपुर को अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। यहां का ऐतिहासिक और सांस्कृतिक वैभव पूरी दुनिया में पहचान बनाएगा।”

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिले को लगभग 200 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की सौगात दी, जिससे सड़क, पुल, पेयजल, पर्यटन और अधोसंरचना के क्षेत्र में तेजी आएगी। साथ ही उन्होंने अंचल के विकास के लिए सिरपुर बैराज को जल्द स्वीकृति दिए जाने की घोषणा की।
सिकासेर जलाशय से कोडार जलाशय में पानी लाने की योजना पर भी तेजी से काम जारी है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए निरंतर पानी उपलब्ध हो सकेगा।

खाद्य मंत्री व प्रभारी मंत्री श्री दयाल दास बघेल ने कहा कि सिरपुर महोत्सव जिले की विशिष्ट पहचान बन चुका है और इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिल रहे हैं।

विधायक महासमुंद श्री योगेश्वर राजू सिन्हा ने कहा कि सिरपुर धर्म, कला और ज्ञान का ऐतिहासिक केंद्र रहा है और वर्तमान सरकार इसके संरक्षण और वैश्विक पहचान के लिए लगातार कार्य कर रही है।

देश-विदेश से आए बौद्ध विचारकों और पर्यटकों की उपस्थिति में आयोजित सिरपुर महोत्सव न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने का माध्यम बन रहा है, बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में भी एक मजबूत कदम साबित हो रहा है।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.

Comments are closed.