छत्तीसगढ़ में संपत्ति मूल्यांकन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और युक्तिसंगत बनाने की दिशा में राज्य शासन ने एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
प्रदेश में 20 नवंबर 2025 से लागू की गई नवीन गाइडलाइन दरों के अंतर्गत, आवश्यकतानुसार पुनरीक्षण की प्रक्रिया औपचारिक रूप से प्रारंभ कर दी गई है।

राज्य शासन द्वारा पूर्व में सभी जिला मूल्यांकन समितियों को यह स्पष्ट निर्देश जारी किए गए थे कि यदि स्थानीय परिस्थितियों, बाजार स्थिति अथवा व्यवहारिक आवश्यकताओं के अनुरूप गाइडलाइन दरों में संशोधन की आवश्यकता प्रतीत होती है, तो संबंधित जिलों द्वारा अपने संशोधन प्रस्ताव केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड को भेजे जा सकते हैं।

तीन जिलों से प्राप्त हुए संशोधन प्रस्ताव

शासन के इन निर्देशों के अनुपालन में धमतरी, बलौदाबाजार एवं गरियाबंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा गाइडलाइन दरों में संशोधन से संबंधित प्रस्ताव राज्य शासन को प्राप्त हुए।

इन प्रस्तावों पर विचार करने हेतु महानिरीक्षक पंजीयन की अध्यक्षता में केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में तीनों जिलों से प्राप्त प्रस्तावित गाइडलाइन दरों का विस्तृत एवं गहन परीक्षण किया गया।

केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड ने दी स्वीकृति

केन्द्रीय मूल्यांकन बोर्ड की बैठक में सभी पहलुओं पर समग्र विचार-विमर्श के उपरांत धमतरी, बलौदाबाजार एवं गरियाबंद जिलों की जिला मूल्यांकन समितियों द्वारा भेजे गए गाइडलाइन दर संशोधन प्रस्तावों को अनुमोदन प्रदान किया गया।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply