कैबिनेट ने 2025–30 की नई स्टार्टअप नीति को दी मंजूरी

छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य को नवाचार और स्टार्टअप का मजबूत केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025–30 को मंजूरी दी गई। नई नीति के लागू होने से राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूती मिलेगी और युवाओं को उद्यमिता से जुड़ने के व्यापक अवसर प्राप्त होंगे। सरकार का उद्देश्य अमृतकाल : छत्तीसगढ़ विज़न @2047 के लक्ष्यों को हासिल करना है, जिसके तहत नवाचार आधारित उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिया जाएगा।

पृथक स्टार्टअप नीति से मिलेगा नया आयाम

अब तक औद्योगिक नीतियों के अंतर्गत स्टार्टअप पैकेज की व्यवस्था थी, लेकिन पृथक स्टार्टअप नीति के अभाव में इन्क्यूबेशन, निवेश और नवाचार को अपेक्षित गति नहीं मिल पा रही थी। नई नीति से यह कमी दूर होगी और स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग में भी छत्तीसगढ़ की स्थिति मजबूत होगी।

सीड फंड से लेकर ₹100 करोड़ का कैपिटल फंड

नई नीति के तहत राज्य शासन से मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स को वित्तीय सहायता दी जाएगी।

  • शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को 10 लाख रुपये तक का सीड फंड
  • निवेश को बढ़ावा देने के लिए ₹100 करोड़ का छत्तीसगढ़ स्टार्टअप (कैपिटल) फंड
  • SEBI-पंजीकृत AIF के माध्यम से स्टार्टअप्स में निवेश
बैंकिंग सहायता और ब्याज अनुदान

स्टार्टअप्स को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ने के लिए ₹50 करोड़ का क्रेडिट रिस्क फंड बनाया जाएगा। इसके तहत बैंकों से ₹1 करोड़ तक के संपार्श्विक-मुक्त ऋण पर क्रेडिट गारंटी मिलेगी।
साथ ही अधिकतम ₹50 लाख तक के ऋण पर 5 वर्षों तक 75% ब्याज अनुदान का लाभ मिलेगा।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्टार्टअप आयोजनों में भाग लेने पर यात्रा, पंजीकरण और बूथ शुल्क सहित कुल खर्च का 50% अनुदान मिलेगा।
डिजिटल विज्ञापन और सफल फंडरेजिंग पर भी अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।

  • सरकारी खरीद में विशेष छूट
  • भूमि एवं भवन दस्तावेजों पर स्टाम्प शुल्क में छूट
  • इन्क्यूबेशन सेंटर या किराये के भवन में संचालित इकाइयों को 3 वर्षों तक किराया अनुदान
  • पेटेंट, गुणवत्ता प्रमाणीकरण और तकनीक क्रय पर भी सहायता

दस से अधिक स्थायी रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को—

  • महिला कर्मचारियों के लिए ₹6,000 प्रति माह
  • पुरुष कर्मचारियों के लिए ₹5,000 प्रति माह की सहायता

दिव्यांगजनों, सेवानिवृत्त अग्निवीरों और नक्सल प्रभावित/पीड़ित व्यक्तियों को रोजगार देने वाले स्टार्टअप्स को 5 वर्षों तक वेतन का 40% अनुदान मिलेगा।

राज्य सरकार का मानना है कि छत्तीसगढ़ नवाचार एवं स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति 2025–30 से निवेश बढ़ेगा, नए स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन मिलेगा और युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर सृजित होंगे। यह नीति छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी स्टार्टअप राज्य के रूप में स्थापित करेगी

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