लखनऊ, जो उत्तर प्रदेश की राजधानी है, वहां शुक्रवार को अलविदा की नमाज़ के बाद प्रदर्शन देखने को मिला। शहर की कई मस्जिदों के बाहर लोगों ने अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी की।
रिपोर्ट्स के मुताबिक कुछ मस्जिदों के बाहर अमेरिका और इजराइल के झंडे जमीन पर रखे गए थे, जिन पर नमाज़ पढ़कर निकल रहे लोग पैर रखकर गुजरते दिखाई दिए। संभावित विरोध प्रदर्शन को देखते हुए प्रशासन पहले से सतर्क था और शहर के संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था।
बताया जा रहा है कि इस प्रदर्शन का ऐलान पहले ही शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जव्वाद ने किया था। इसके बाद प्रशासन पूरे दिन अलर्ट मोड पर रहा। पुराने लखनऊ के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी गई और कई जगहों पर ट्रैफिक डायवर्जन भी लागू किया गया।
ऐशबाग ईदगाह जामा मस्जिद में मौलाना मौलाना खालिद रशीद की इमामत में अलविदा की नमाज़ अदा की गई। वहीं ऐतिहासिक टीले वाली मस्जिद में भी विशेष इंतजाम किए गए थे। मस्जिद के नायब इमाम इम्तियाज हसन के अनुसार यहां लगभग 370 वर्षों से अलविदा की नमाज़ अदा की जा रही है।
इसके अलावा आसिफी मस्जिद में भी शिया समुदाय के बड़ी संख्या में लोगों ने नमाज़ अदा की। नमाज़ के बाद शहर के कुछ इलाकों में अमेरिका और इजराइल के खिलाफ नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिला।
फिलहाल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि शहर में कानून व्यवस्था बनी रहे।
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