उत्तर प्रदेश की राजनीति में इस वक्त एक नया विवाद उभर कर सामने आया है। गंगा और इफ्तार पार्टी को लेकर बयानबाजी अब सियासी संग्राम का रूप ले चुकी है।

योगी सरकार की मंत्रीबेबी रानी मौर्य ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर तीखा पलटवार किया है। मंत्री ने सवाल उठाते हुए कहा:

“गंगा हमारी आस्था का प्रतीक है… वहां मुर्गा खाकर टांग फेंकने की इजाजत किसने दी?”

मंत्री ने आगे यह भी कहा कि

“अगर मस्जिदों में इस तरह की हरकत की जाए, तो दंगे हो जाएंगे।”

दरअसल, दो दिन पहले अखिलेश यादव ने गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने पर बयान दिया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक और धार्मिक बहस का केंद्र बन गया है।

मंत्री बेबी रानी मौर्य ने सपा पर तुष्टिकरण और वोटबैंक की राजनीति का भी आरोप लगाया।
साथ ही, उन्होंने सरकार के 9 साल पूरे होने पर दावा किया कि अब प्रदेश में “उपद्रव से उत्सव और अविश्वास से आत्मविश्वास” का दौर आया है।

अब बड़ा सवाल यह है कि:
क्या यह बयानबाजी केवल राजनीति तक सीमित रहेगी, या आस्था और सियासत का टकराव और गहराएगा?

यह मुद्दा निश्चित रूप से अगले कुछ दिनों में यूपी की सियासत में चर्चा का विषय बना रहेगा।

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