मध्य प्रदेश के नागदा में कुख्यात लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य राजपाल अपने गांव रत्न्यखेड़ी में सरेंडर कर दिया है। राजपाल ने पुलिस और मीडिया के सामने स्वीकार किया कि उसने खरगोन के व्यापारी दिलीप सिंह राठौड़ के घर पर फायरिंग करवाने में भूमिका निभाई।
राजपाल ने दावा किया कि व्यापारी का व्यवहार छोटी बच्चियों के प्रति अनुचित था और वह किसानों का शोषण करता था। उन्होंने बताया कि अपने गैंग साथियों के माध्यम से उन्होंने इस कदम को उठाया। पहले हमला असफल रहा, जिसके बाद गैंग के सदस्य ‘हैरी बॉक्सर’ ने फायरिंग करवाई।
सरेंडर के दौरान राजपाल ने प्रशासन के साथ सहयोग करने की बात स्वीकार की और चेतावनी दी कि जो भी गलत करेगा, उसे लॉरेंस गैंग नहीं छोड़ेगा। उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों ने पहले ही उनसे पूछताछ की है।
राजपाल का नाम पंजाब के मोहाली में पुलिस के खुफिया विभाग मुख्यालय पर हुए रॉकेट लॉन्चर हमले में भी सामने आया है। इसके अलावा, नांदेड़ के व्यापारी संजय बियानी की हत्या में भी उनका नाम जुड़ा था। राजपाल 2022 में आर्म्स एक्ट के मामले में 7 महीने तिहाड़ जेल में रह चुका है, जहां उसका संपर्क लॉरेंस बिश्नोई गैंग से हुआ।
राजपाल रतलाम के हथनारा गांव का रहने वाला है। एक दशक पहले वह भाजपा नेता रघुनाथ सिंह बब्बू का ड्राइवर था। बाद में उसने अपना स्कूल खोला, लेकिन वित्तीय संकट के कारण उसे बंद करना पड़ा। उन्होंने नादिर शाह मर्डर केस में सरकारी गवाह बनने का भी निर्णय लिया।
सरेंडर के बाद राजपाल ने प्रशासन के साथ अपने सहयोग की पुष्टि की और कहा कि आगे कोई भी गलत कदम उठाने वाला गैंग की नजर से नहीं बच सकेगा। पुलिस ने अब इस मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
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