धमतरी जिले में जिला प्रशासन द्वारा की गई एक अनोखी और सराहनीय पहल इन दिनों पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। सुप्रसिद्ध गंगरेल जलाशय में शुरू की गई वाटर एम्बुलेंस सेवा ने न सिर्फ पर्यटन को नई सुविधा दी है, बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले हजारों ग्रामीणों के लिए यह एक जीवनरक्षक कदम साबित हो रही है।

गंगरेल जलाशय बना राहत का नया माध्यम

गंगरेल जलाशय, जो पहले सिर्फ पर्यटन और जल संसाधन के लिए जाना जाता था, अब स्वास्थ्य सेवाओं का भी एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया है। जिला प्रशासन ने यहां वाटर एम्बुलेंस की शुरुआत कर एक ऐसी व्यवस्था तैयार की है, जिससे दूर-दराज के गांवों तक त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाई जा सके।

32 गांवों के हजारों लोगों को सीधा लाभ

इस सेवा से गंगरेल जलाशय के दूसरे छोर पर बसे करीब 32 गांवों के लोग सीधे लाभान्वित हो रहे हैं। ये गांव लंबे समय से स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच से काफी दूर थे, जिससे छोटी-छोटी बीमारियां भी गंभीर रूप ले लेती थीं।

ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी समस्या यह थी कि उन्हें प्राथमिक उपचार के लिए भी लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी।

पहले 60–65 KM का सफर, अब सिर्फ 8–10 KM

पहले इन गांवों के लोगों को इलाज के लिए चारामा होते हुए जिला मुख्यालय तक 60 से 65 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता था। यह यात्रा समय के साथ-साथ खर्चीली और कई बार जोखिम भरी भी होती थी।

लेकिन अब इस वाटर एम्बुलेंस सेवा के शुरू होने से यह दूरी घटकर महज 8 से 10 किलोमीटर रह गई है।
आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अब तेजी से जिला अस्पताल पहुंचाया जा सकता है, जिससे समय पर इलाज मिलना संभव हो गया है।

आपातकाल में बनेगी जीवनरक्षक सेवा

स्वास्थ्य सेवाओं में समय का बहुत बड़ा महत्व होता है। कई बार देर होने से मरीज की स्थिति गंभीर हो जाती है।
ऐसे में यह वाटर एम्बुलेंस सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में एक लाइफलाइन की तरह काम करेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस वाटर एम्बुलेंस

यह वाटर एम्बुलेंस आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से सुसज्जित है। इसमें मरीजों की देखभाल के लिए जरूरी उपकरण उपलब्ध हैं।
एक बार में लगभग 20 लोगों को उनके आवश्यक सामान के साथ इसमें सुरक्षित रूप से लाया-ले जाया जा सकता है।

यह सुविधा विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जहां सड़क मार्ग सीमित या कठिन है।

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

इस सेवा का एक सकारात्मक प्रभाव पर्यटन पर भी पड़ेगा। गंगरेल जलाशय में आने वाले पर्यटकों के लिए यह सुविधा सुरक्षा का भरोसा देगी।
किसी भी आकस्मिक स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध होने से पर्यटकों का विश्वास भी बढ़ेगा।

जिला प्रशासन की दूरदर्शी सोच

इस पूरी पहल को जिला प्रशासन की दूरदर्शिता और संवेदनशीलता का प्रतीक माना जा रहा है।
खासतौर पर कलेक्टर अबीनाश मिश्रा की इस पहल की जमकर सराहना हो रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सेवा उनके लिए किसी वरदान से कम नहीं है और इससे उनके जीवन में बड़ा बदलाव आएगा।

ग्रामीणों में खुशी और राहत का माहौल

वाटर एम्बुलेंस सेवा शुरू होने के बाद से ग्रामीणों में खुशी का माहौल है।
जहां पहले इलाज के लिए घंटों का सफर करना पड़ता था, वहीं अब कम समय में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

PIBLICFIRSTNEWS.COM

Share.

Comments are closed.