टीकमगढ़ से बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां मध्यप्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती का अनोखा विरोध देखने को मिला। बीजेपी की फायरब्रांड नेत्री उमा भारती आज खुद सड़क किनारे पोहा बेचते हुए नजर आईं।
इस कदम के पीछे का कारण जिला प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई है। बीते दिन प्रशासन ने चार दर्जन से अधिक अस्थाई दुकानों को हटाया, जिससे दुकानदारों और गरीब लोगों में नाराजगी फैल गई। इस कार्रवाई से प्रेरित होकर उमा भारती सीधे मैदान में उतरीं और दुकानदारों के पक्ष में मोर्चा खोल दिया।
उमा भारती ने कहा कि “मेरी परिषद नहीं है, कांग्रेस के विधायक हैं, कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, कांग्रेस की परिषद है। इसीलिए यह घटना हुई। गरीबों के साथ खड़े रहना हमारा फर्ज़ है।” उन्होंने प्रशासन और नगर पालिका अध्यक्ष की समर्थन वाली बातें भी आड़े हाथों लीं। उनका कहना था कि जब बीते दिन यह अत्याचार हो रहा था, तब प्रशासन चुप था, और अब समर्थन देने की बात कर रहा है। उन्होंने कहा कि “कल कहा थे बहती गंगा में हाथ धोना चाहते हैं, लेकिन गरीबों पर अत्याचार दिखाई नहीं देता।”
टीकमगढ़ में आज हर कोई हैरान रह गया जब उमा भारती अचानक सड़क किनारे पोहा बेचती नजर आईं। उन्होंने न सिर्फ दुकानदारों का समर्थन किया, बल्कि खुद विरोध का सशक्त संदेश भी दिया। उमा भारती ने साफ कहा कि छोटे दुकानदार रोज कमाते और रोज खाते हैं, ऐसे में उनकी रोजी-रोटी छीनना गलत और अन्यायपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी भी दी कि वह गरीबों के साथ खड़ी हैं और देखती हैं कि कौन उन्हें हटाता है।
इस विरोध ने टीकमगढ़ में राजनीतिक हलकों में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पर यह घटना वायरल हो रही है और लोग पूर्व मुख्यमंत्री के गरीबों के प्रति संवेदनशील कदम की तारीफ कर रहे हैं।
उमा भारती का यह कदम न केवल प्रशासन के खिलाफ विरोध है, बल्कि यह गरीबों और अस्थाई दुकानदारों के समर्थन का प्रतीक भी माना जा रहा है।
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