केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम ने अनुसूचित जनजाति समुदायों को सशक्त बनाने में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया है। उन्होंने कहा कि निगम का उद्देश्य केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि जनजातीय समुदाय को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाते हुए उन्हें “रोजगार चाहने वाला” नहीं बल्कि “रोजगार देने वाला” बनाना है।

नई दिल्ली में NSTFDC के 25वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि यह संस्था जनजातीय उद्यमिता को बढ़ावा देने में एक उत्प्रेरक की भूमिका निभा रही है। उन्होंने बताया कि निगम का दृष्टिकोण जनजातीय समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ से चयनित लाभार्थियों का भी सम्मान किया गया। इनमें बेमेतरा जिले के किशन ध्रुव (किराना व्यवसाय) और धनराज ठाकुर (फोटो स्टूडियो व्यवसाय) शामिल हैं, जिन्होंने NSTFDC की सावधि ऋण योजना के तहत अपने व्यवसाय स्थापित किए। केंद्रीय मंत्री ने इन लाभार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर उनके प्रयासों की सराहना की।

मंत्री जुएल ओराम ने निगम की जन-केंद्रित कार्यप्रणाली पर जोर देते हुए बताया कि NSTFDC बिना किसी गारंटी के ऋण सुविधा उपलब्ध कराता है, जिससे अधिक से अधिक जनजातीय लाभार्थियों तक वित्तीय सहायता पहुंचाई जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि अब तक निगम द्वारा 16 लाख से अधिक ऋण वितरित किए जा चुके हैं और कुल वितरित राशि 4,000 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है।

यह कार्यक्रम नई दिल्ली के विश्व युवा केंद्र में आयोजित किया गया, जिसमें जनजातीय कार्य मंत्रालय की सचिव रंजना चोपड़ा, संयुक्त सचिव अनंत प्रकाश पांडे, NSTFDC के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक टी. रौमुआन पाइते सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

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