धार जिले में आयोजित गंगा दशहरा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक विरासत, जल संरक्षण और विकास को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा दशमी के पावन अवसर पर प्रदेशभर में “जल गंगा संरक्षण अभियान” चलाया जा रहा है और मध्यप्रदेश जल संरक्षण के क्षेत्र में पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

मुख्यमंत्री ने भोजशाला का उल्लेख करते हुए कहा कि राजा भोज की नगरी में भोजशाला के दर्शन का 750 वर्षों बाद अवसर मिलना हम सभी के लिए गर्व और आनंद का क्षण है। उन्होंने कहा कि राजा भोज, सम्राट विक्रमादित्य और हर्षवर्धन जैसे महान शासकों ने मालवा की सनातन संस्कृति को विश्व स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भोजपुर स्थित विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग का निर्माण राजा भोज ने कराया था, जबकि भोपाल का विशाल तालाब उनकी अद्भुत जल प्रबंधन तकनीक का प्रमाण है, जिसकी प्रशंसा आज भी पूरी दुनिया करती है।

उन्होंने धार की ऐतिहासिक धरोहरों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां स्थित 45 फीट लंबा लौह स्तंभ भारत की गौरवशाली विरासत का प्रतीक है, जिस पर आज तक जंग नहीं लगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजा भोज कला, साहित्य और विद्वानों के बड़े संरक्षक थे और कवियों को कविता की प्रत्येक पंक्ति पर सोने की ईंट के बराबर पुरस्कार देने का सामर्थ्य रखते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “विरासत से विकास” अवधारणा का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज भारत अपनी सांस्कृतिक विरासत और सनातन परंपरा पर गर्व के साथ आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने धार जिले के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि धार अब पिछड़ा जिला नहीं रहेगा, बल्कि प्रदेश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला जिला बनेगा। पीएम मित्रा पार्क के माध्यम से धार को प्रदेश का बड़ा औद्योगिक केंद्र बनाया जा रहा है, जहां कपास से लेकर कपड़ा निर्यात तक की पूरी औद्योगिक श्रृंखला विकसित की जाएगी।

सीएम ने यह भी घोषणा की कि धार को पुरातत्व, पर्यटन और साहित्य का बड़ा केंद्र बनाया जाएगा। इसके लिए धार में “माता सरस्वती लोक” का निर्माण किया जाएगा और राजा भोज शोध संस्थान की स्थापना भी की जाएगी।
मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने सांस्कृतिक विरासत और विकास से जुड़ी घोषणाओं का स्वागत किया। कार्यक्रम में धार्मिक, सांस्कृतिक और विकास से जुड़े कई विषय केंद्र में रहे।
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