इंदौर/भोपाल। मध्यप्रदेश ने एक बार फिर वैश्विक निवेश मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। इंदौर में आयोजित इंडिया-लैटिन अमेरिकन एंड कैरिबियन (LAC) ट्रेड एंड इंवेस्टमेंट फोरम-2026 में प्रदेश ने खुद को अंतरराष्ट्रीय निवेश और व्यापार के एक उभरते केंद्र के रूप में स्थापित किया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 15 देशों के राजनयिकों, व्यापार प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों और 350 से अधिक निवेशकों ने भाग लिया।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत और लैटिन अमेरिका के बीच केवल व्यापारिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक समानताएं भी हैं। दोनों क्षेत्रों की परंपराएं, उत्सव, संगीत और जनजातीय संस्कृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हुई हैं।

नई आर्थिक साझेदारियों का बना मंच

फोरम का उद्देश्य भारत और लैटिन अमेरिका-कैरिबियन देशों के बीच व्यापारिक और निवेश संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना था। कार्यक्रम के दौरान मध्यप्रदेश की 50 से अधिक कंपनियों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों के बीच बी-टू-बी (Business to Business) और बी-टू-जी (Business to Government) बैठकें आयोजित की गईं।

इन बैठकों में विशेष रूप से फार्मास्युटिकल, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, फूड प्रोसेसिंग, सेवा क्षेत्र, आईटी और ग्रीन एनर्जी में निवेश एवं सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।

पीएम मोदी के नेतृत्व में बढ़ रहा निवेश

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक आर्थिक शक्ति के रूप में उभर रहा है और व्यापार एवं निवेश के क्षेत्र में लगातार सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इंदौर न केवल मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी है, बल्कि यह औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र भी है। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर की सुशासन परंपरा ने मालवा क्षेत्र को ऐतिहासिक रूप से व्यापार और समृद्धि का केंद्र बनाया।

मध्यप्रदेश पर दुनिया का बढ़ता भरोसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि लैटिन अमेरिकी और कैरिबियन देशों के साथ लगातार बढ़ता व्यापार इस बात का प्रमाण है कि दुनिया का मध्यप्रदेश पर भरोसा मजबूत हुआ है।

उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में लैटिन अमेरिकी देशों के साथ मध्यप्रदेश का निर्यात लगभग 3,835 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।

ब्राजील, मैक्सिको, अर्जेंटीना, पेरू और कोलंबिया जैसे देशों के साथ मध्यप्रदेश व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार कर रहा है।

फार्मा, ऑटोमोबाइल और आईटी सेक्टर में बड़ी संभावनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और पीथमपुर आज देश के प्रमुख फार्मास्युटिकल और ऑटोमोबाइल हब के रूप में उभरे हैं। मध्यप्रदेश की दवाइयां वैश्विक बाजारों तक पहुंच रही हैं, जबकि पीथमपुर ऑटोमोबाइल और इंजीनियरिंग उत्पादों के निर्माण का प्रमुख केंद्र बन चुका है।

उन्होंने कहा कि इंदौर तेजी से देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में विकसित हो रहा है और राज्य सरकार निवेशकों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

मध्यप्रदेश बना लॉजिस्टिक्स और कनेक्टिविटी हब

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 5 लाख किलोमीटर से अधिक का सड़क नेटवर्क मौजूद है और आने वाले पांच वर्षों में छह प्रमुख औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे।

राज्य में पर्याप्त भूमि बैंक, सरप्लस बिजली उत्पादन, मजबूत कानून-व्यवस्था और कुशल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। वर्तमान में प्रदेश की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 31 हजार मेगावाट से अधिक है, जिसमें लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा ग्रीन एनर्जी का है।

महिला उद्यमिता में भी अग्रणी मध्यप्रदेश

डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में 45 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप का नेतृत्व महिला उद्यमी कर रही हैं। यह राज्य में बढ़ते उद्यमिता माहौल और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी का प्रमाण है।

उन्होंने निवेशकों को आमंत्रित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश अवसरों की धरती है और जो एक बार यहां आता है, वह प्रदेश की संस्कृति और आत्मीयता से जुड़ जाता है।

उरुग्वे के राजदूत ने की मध्यप्रदेश की सराहना

भारत में उरुग्वे के राजदूत अल्बर्टो एंटोनियो गुआने अम्ब्रेला ने कहा कि मध्यप्रदेश ने हमेशा विदेशी निवेशकों को आकर्षित किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह फोरम भारत और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच व्यापार एवं निवेश सहयोग को नई दिशा देगा।

निवेश के लिए सबसे डायनामिक स्टेट: ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम

ग्लोबल इंडिया बिजनेस फोरम के फाउंडर और ग्लोबल प्रेसिडेंट जितेंद्र जोशी ने मध्यप्रदेश को देश का सबसे डायनामिक निवेश गंतव्य बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में राज्य तेजी से वैश्विक निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है।

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इसी महीने इंदौर में ब्रिक्स सदस्य देशों का कृषि सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा, जिससे मध्यप्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर और अधिक पहचान मिलेगी।

मध्यप्रदेश सरकार का मानना है कि LAC ट्रेड एंड इंवेस्टमेंट फोरम-2026 केवल एक निवेश सम्मेलन नहीं, बल्कि भारत और लैटिन अमेरिका-कैरिबियन देशों के बीच नई आर्थिक साझेदारियों, व्यापारिक अवसरों और वैश्विक सहयोग का मजबूत सेतु साबित होगा।

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