राहुल गांधी अभी तक नहीं सीख पाए हिंदुस्तान के संस्कार- मंत्री विश्वास सारंग
सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने मंगलवार को राहुल गांधी के भोपाल दौरे पर तीखा प्रहार किया है। मंत्री सारंग ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि राहुल गांधी का यह दौरा केवल राजनीतिक पर्यटन। यह पार्टी के सृजन के लिए नहीं बल्कि नेहरू-गांधी परिवार के सृजन के लिए किया गया है। आगे उन्होंने कहा कि राहुल गांधी साल भर में अलग-अलग तरह के टूरिज्म करते रहते हैं। अब वे राजनीतिक टूरिज्म पर निकले हैं। किसी ट्रेवल एजेंट ने उनका कार्यक्रम बना दिया है। कांग्रेस में संगठन विस्तार की बात केवल छलावा है। छलावा से ना तो सरकार चलती है, ना संगठन चलता है और ना ही पार्टी मजबूत होती है। कांग्रेस ने हर समय नेहरु परिवार के लिए कार्यक्रम का निष्पादन किया है उनका यह असफल दौरा होने वाला है। उन्होंने कहा कि आज शहर भर में जो होर्डिंग्स लगे हैं उसमें भोपाल शहर के हर हिस्ट्रीशीटर को आप राहुल गांधी के साथ देख रहे हैं।
गुट और गिरोह में बंटी हुई कांग्रेस ढ़कोसलों से नहीं चलेगी। मंत्री सारंग ने कहा कि नेशनल हेराल्ड में करोड़ो का गबन करने के बाद जो पैसा बचा है उससे हवाई जहाज और होटलों का इंतेजाम हो जाता है वो समय बिताने के लिए निकल पड़े हैं। आगे उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास है, हर समय नेता और उनके चमचों को ही जगह मिलती है। अब कांग्रेस की दुकान और शोरुम दोनों पूरी तरह से बंद हो चुकी है।
राहुल गांधी अभी तक नहीं सीख पाए हिंदुस्तान के संस्कार
मंत्री सारंग ने कहा कि राहुल गांधी ने भोपाल दौरे पर स्वयं अपनी दादी का अपमान किया है। भारतीय संस्कृति में जब भी किसी दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि दी जाती है, तो जूते उतारकर पुष्पांजलि अर्पित की जाती है। लेकिन राहुल गांधी ने अपनी दादी इंदिरा गांधी के चित्र पर जूते पहनकर पुष्प अर्पित किए, वह भी ठीक से नहीं बल्कि फूल फेंक कर अर्पित किए। उन्होंने कहा कि यह भारतीय नहीं, इटली की संस्कृति है। इससे यह प्रकट होता है कि राहुल गांधी अभी तक हिंदुस्तान के संस्कार नहीं सीख पाए। आगे उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने भारतीय संस्कृति और परंपराओं को तार-तार किया उन्हें अपने इस कृत्य के लिए भोपाल छोड़ने से पहले प्रदेश की जनता और देश से माफी मांगनी चाहिए।
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