पब्लिक फर्स्ट। उज्जैन। अमृत बैंडवाल ।
नागदा के चौधरी अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में मंगलवार को एक युवक की जान डॉक्टर की तत्परता और मेडिकल टीम की सतर्कता के कारण बच गई। यह पूरा मामला अस्पताल के CCTV कैमरे में कैद हो गया, जो अब क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
युवक को अस्पताल में आया हार्ट अटैक
30 वर्षीय सन्नी गेहलोत, निवासी ग्राम रुपेटा, मंगलवार दोपहर करीब 3 बजे अस्पताल में सीने में दर्द की शिकायत लेकर पहुंचे थे। इलाज के दौरान अचानक उनकी हालत बिगड़ गई और वह कुर्सी से गिर पड़े। तत्काल मौजूद डॉ. सुनील चौधरी और उनकी टीम ने बिना समय गंवाए CPR देना शुरू किया।
जान बचाने के लिए दी गई 12 बार इलेक्ट्रिक शॉक
डॉक्टरों के अनुसार, युवक की पल्स और ब्लड प्रेशर बंद हो चुका था। उसे तत्काल ICU में शिफ्ट कर करीब 40 मिनट तक CPR और 12 बार इलेक्ट्रिक डिफिब्रिलेशन (शॉक) दिया गया। इस कठिन स्थिति में भी डॉक्टरों की कुशलता और तेजी से उसकी धड़कनें वापस आईं और वह फिर से सांस लेने लगा।
घटना CCTV में रिकॉर्ड
अस्पताल में लगे CCTV में यह पूरी घटना रिकॉर्ड हुई, जिसमें युवक के अचानक गिरने और डॉक्टरों की ओर से दी गई आपातकालीन चिकित्सा प्रक्रिया को स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है। वीडियो में नजर आता है कि कैसे मेडिकल टीम ने हर सेकंड कीमती समझते हुए बिना किसी देरी के इलाज शुरू किया।
डॉक्टर का बयान
डॉ. सुनील चौधरी ने Public First News से बातचीत में कहा,
“हार्ट अटैक की स्थिति में हर मिनट का महत्व होता है। यदि थोड़ी सी भी देरी होती, तो युवक की जान नहीं बचती। CPR और शॉक थेरेपी समय पर देना जीवन रक्षक साबित हुआ।”
फिलहाल युवक की स्थिति स्थिर है और उसे आगे के इलाज के लिए इंदौर रेफर कर दिया गया है।
स्वास्थ्य जागरूकता के लिए मिसाल
इस घटना ने स्वास्थ्य जगत और आमजन को यह संदेश दिया है कि सतर्कता, समयबद्ध चिकित्सा और प्रशिक्षित स्टाफ मिलकर किसी की जान बचा सकते हैं। अस्पताल के स्टाफ और डॉक्टरों की सोशल मीडिया पर जमकर प्रशंसा हो रही है।
