पब्लिक फर्स्ट। भोपाल । पुनीत पटेल ।
बिहार के दरभंगा में आयोजित वोट अधिकार यात्रा कार्यक्रम के मंच से कांग्रेस कार्यकर्ता द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर अभद्र और अशोभनीय भाषा का प्रयोग किया गया। उस समय मंच पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव मौजूद थे। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला राजनीतिक विवाद में बदल गया है और भाजपा नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं पर हमला बताया है।
घटना का सारांश
- दरभंगा के कार्यक्रम में कांग्रेस कार्यकर्ता ने मंच से पीएम मोदी पर अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
- राहुल गांधी और तेजस्वी यादव मंच पर बैठे थे, लेकिन तत्काल रोकथाम नहीं की गई।
- वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर तीखे हमले शुरू कर दिए।
विश्वास सारंग का हमला
मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने इस घटना को कांग्रेस की संस्कृति और नेहरू परिवार के संस्कारों का आईना बताया।
- उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री का अपमान करना भारत की जनता और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है।”
- राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे मंच से अशोभनीय भाषा सुनते रहे और कोई आपत्ति नहीं जताई।
- सारंग ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की और चेतावनी दी कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो देश की जनता कांग्रेस को कभी माफ़ नहीं करेगी।
विपक्ष और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
- भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने भी मंच पर हुई अभद्रता की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक गरिमा पर हमला बताया।
- बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता का बयान जनता का अपमान है और यह विपक्ष की हताशा का परिचायक है।
- कई भाजपा नेताओं ने सोशल मीडिया पर राहुल गांधी से जवाब मांगते हुए कांग्रेस पर हमला बोला।
विवाद की गूंज
- राहुल गांधी ने अपनी सभा में पीएम मोदी पर ‘तू-तड़ाक’ वाली भाषा और वोट चोरी का आरोप भी लगाया।
- भाजपा नेताओं ने इसे “राजनीति की मर्यादा तोड़ने और हार की बौखलाहट” करार दिया।
- कांग्रेस की चुप्पी ने विवाद को और गहरा कर दिया है।
निष्कर्ष
दरभंगा की इस घटना ने राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। भाजपा ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की है और इसे जनता व राष्ट्र के मान-सम्मान का अपमान बताया है। कांग्रेस कार्यकर्ता के अभद्र बयान ने चुनावी माहौल को और गरमा दिया है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा सियासी बहस का बड़ा केंद्र बन सकता है।
