भोपाल की प्राकृतिक सुंदरता में आज एक और नया आकर्षण जुड़ गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बोट क्लब पर शिकारा नावों का शुभारंभ किया, जिससे राजधानी के पर्यटन क्षेत्र में एक नई उम्मीद और ऊर्जा का संचार हुआ है। इस अवसर पर कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और स्थानीय अधिकारी मौजूद रहे।

शिकारा नावों की शुरुआत के बाद अब भोपाल के बड़े तालाब पर सैलानियों को कश्मीर जैसी शिकारा सवारी का आनंद मिलेगा।
ये रंग–बिरंगी नावें तालाब की खूबसूरती को और बढ़ाएंगी और भोपाल के वॉटर टूरिज्म को नई पहचान दिलाएंगी।

पर्यटकों के लिए फायदे

  • परिवार और युवा अब तलैया पर शांत, सुंदर शिकारा राइड का आनंद ले सकेंगे।
  • शहरवासियों के लिए नया पिकनिक व घूमने का आकर्षण तैयार।
  • शाम और रात के समय विशेष लाइटिंग वाले शिकारे भी जोड़े जाएंगे (आगामी योजनाओं के अनुसार)।

सरकार का मानना है कि शिकारा सेवा से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का नया माध्यम तैयार होगा।
नाव संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, गाइड और टूर पैकेज जैसी सुविधाओं के चलते कई युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।

इसी बीच, मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में आज अंतरराष्ट्रीय चीता दिवस भी मनाया जाएगा। दुनियाभर में चीता संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। कूनो में अफ्रीकी चीता परियोजना चलने के कारण यह दिन और भी खास है। कार्यक्रम में राज्य के वरिष्ठ अधिकारी और वन विभाग की टीम शामिल रहेगी।

आज का दिन मध्य प्रदेश के पर्यटन और पर्यावरण—दोनों क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ है।
जहां भोपाल में शिकारा सेवा राजधानी की खूबसूरती को और निखारेगी, वहीं कूनो में चीता दिवस वन्यजीव संरक्षण के प्रति नई जागरूकता पैदा करेगा।

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