निदान द्वारा आयोजित ग्लोबल टीचर्स मीट (GTM) का दो दिवसीय कार्यक्रम लगातार 9 वर्षों से शिक्षकों के लिए आयोजित किया जा रहा है। इस वर्ष भी यह कार्यक्रम विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने का महत्वपूर्ण मंच बना।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को उनके 15 साल अनवरत शिक्षण सेवा के लिए सर्विस अवार्ड प्रदान करना है। इस प्लेटफॉर्म पर once-award system अपनाया गया है, यानी एक बार किसी शिक्षक को अवार्ड मिल जाने पर वह दोबारा इसे क्लेम नहीं कर सकते। यह एक अनुशासित और एक्स्ट्रेक्टेड प्रोग्राम है, जो शिक्षा और शिक्षक सेवा के प्रति प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करता है।
कार्यक्रम में इस बार डॉ. प्रमोद महाजन मुख्य नोट स्पीकर रहे। इसके बाद प्रिंसिपल राजेश अवस्थी ने शिक्षकों को शिक्षण के नवीनतम तरीकों और चुनौतियों पर मार्गदर्शन दिया। मुंबई से डॉ. अर्चना शर्मा का भी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें डिज़ाइन थिंकिंग, फ्यूचर स्किल्स, मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों की सीखने-सिखाने की प्रक्रियाओं पर गहन चर्चा हुई।
सत्र में यह स्पष्ट किया गया कि केवल नंबरों के पीछे भागने से बच्चों का समग्र विकास नहीं हो सकता। शिक्षकों और विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को मानसिक, शारीरिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए शिक्षा की प्रक्रिया को अधिक समग्र और सृजनात्मक बनाना होगा।
इस दो दिवसीय कार्यशाला में विदिशा, अब्दुल्लागंज, सूरत, महाराष्ट्र, गुजरात, बुधनी, होशंगाबाद, अशोकनगर और भोपाल सहित देशभर से शिक्षक शामिल हुए। कार्यक्रम का स्वरूप इतना व्यापक और विविध रहा कि इसे शिक्षकों का महाकुंभ समागम कहा जा रहा है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने बताया कि यह मंच न केवल शिक्षकों के सम्मान का अवसर है, बल्कि उन्हें व्यावसायिक विकास और नवाचार की दिशा में मार्गदर्शन देने का भी महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है।
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