भागीरथपुरा क्षेत्र में जल-स्वच्छता और सुरक्षित पेयजल उपयोग को लेकर जिला एवं निगम प्रशासन ने व्यापक अभियान शुरू किया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने आज प्रातः 6:30 बजे अभियान का जायज़ा लिया और स्वयं निगम के पेयजल टैंकर से पानी पीकर उसकी सुरक्षा की पुष्टि की।
घर-घर जाकर नागरिकों को जागरूक किया जा रहा है
कलेक्टर के निर्देशों के अनुसार, निगम एवं जिला प्रशासन की टीमों ने डोर टू डोर रिंग सर्वे शुरू किया है। इस अभियान में शामिल हैं:
- निगम पीएचई विभाग के अधिकारी-कर्मचारी
- ड्रेनेज और सीवरेज विभाग
- सफाई विभाग के कर्मचारी
- एनजीओ की 200 से अधिक सदस्य टीम
टीम नागरिकों को पम्पलेट और अनाउंसमेंट के माध्यम से जागरूक कर रही है कि केवल निगम के टैंकर से वितरित पानी का ही उपयोग करें। साथ ही स्वच्छता के नियमों का पालन करने और जल-जनित रोगों से बचाव के महत्व पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
स्वच्छता और सुरक्षा के निर्देश
कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश दिए हैं कि नागरिक निम्नलिखित सावधानियों का पालन करें:
पेयजल सुरक्षा: पानी को कम से कम 10-15 मिनट तक उबालकर और छानकर उपयोग करें।
- व्यक्तिगत स्वच्छता:
- खाना खाने से पहले और शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं।
- पर्यावरण स्वच्छता:
- पानी के स्रोतों और गली-मोहल्लों में कूड़ा-कचरा न फेंकें।
जरूरी सलाह:
यदि किसी को उल्टी, दस्त, पेट दर्द या बुखार की शिकायत हो तो ORS का घोल लें और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।
अभियान की मुख्य विशेषताएं
- 8 से अधिक अतिरिक्त वाहनों और डोर-टू-डोर वाहनों के माध्यम से लगातार अनाउंसमेंट
- नागरिकों को पम्पलेट के जरिए पेयजल और स्वच्छता संबंधी जानकारी प्रदान करना
- सीवरेज और ड्रेनेज के विशेष सफाई अभियान का समन्वित क्रियान्वयन
- नागरिकों से आग्रह कि केवल सुरक्षित टैंकर पानी का ही उपयोग करें
कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि अभियान के माध्यम से भागीरथपुरा के नागरिकों में जल-जनित रोगों से बचाव और स्वच्छता का संदेश पहुँचाने में मदद मिलेगी। उनका कहना है कि सावधानी ही बचाव है, और प्रशासन इस अभियान को लगातार मॉनिटर कर रहा है।
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