वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण विभाग, केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख द्वारा WWF इंडिया तथा UT लद्दाख प्रशासन के सहयोग से लद्दाख स्वायत्त पहाड़ी विकास परिषद (LAHDC), कारगिल के कॉन्फ्रेंस हॉल में मानव-वन्यजीव संघर्ष पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन वन्यजीव संरक्षण प्रभाग, कारगिल द्वारा किया गया।

कार्यशाला की अध्यक्षता LAHDC कारगिल के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी पार्षद (CEC) डॉ. मोहम्मद जाफर अखून ने की, जो मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यकारी पार्षद इंजीनियर पुंचोक ताशी सम्मानित अतिथि तथा आगा सैयद मुजतबा विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कार्यक्रम में मुख्य वन्यजीव वार्डन एवं अतिरिक्त प्रधान मुख्य वन संरक्षक (APCCF), UT लद्दाख, श्री राजेश एस, IFS, ने ऑनलाइन माध्यम से सहभागिता की। इसके अलावा उपायुक्त/CEO, LAHDC कारगिल श्री राकेश कुमार, IAS, पुलिस अधीक्षक श्री नितिन यादव, IPS, वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, निर्वाचित जनप्रतिनिधि एवं अन्य संबंधित हितधारक भी उपस्थित रहे।

मीडिया को संबोधित करते हुए वन्यजीव वार्डन, कारगिल अली रज़ा ने जिले में मानव-वन्यजीव संघर्ष के बढ़ते मामलों पर चिंता व्यक्त की, विशेष रूप से जंगली जानवरों द्वारा पशुधन को होने वाले नुकसान को प्रमुख चुनौती बताया। उन्होंने इन संघर्षों को कम करने के लिए सामुदायिक सहभागिता, वैज्ञानिक शमन उपायों तथा सभी हितधारकों के बीच समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया।

कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं हितधारकों से सुझाव और फीडबैक प्राप्त करना था, ताकि एक दीर्घकालिक एवं प्रभावी रणनीति तैयार की जा सके। इस रणनीति का लक्ष्य वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय लोगों की आजीविका की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

कार्यक्रम का समापन वन विभाग, जिला प्रशासन, WWF इंडिया तथा स्थानीय समुदायों के बीच सहयोग को और सुदृढ़ करने की प्रतिबद्धता के साथ हुआ, ताकि मानव और वन्यजीवों के बीच शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व को बढ़ावा दिया जा सके।

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