जयपुर से जल जीवन मिशन से जुड़े बहुचर्चित घोटाले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एंटी करप्शन ब्यूरो ने मामले में सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी से बच रहे चार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज कर दी गई है। इनमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डॉ. सुबोध अग्रवाल का नाम सबसे प्रमुख है, जिनकी संपत्तियां सबसे पहले जब्त की जा सकती हैं।

इसके अलावा पूर्व इंजीनियर जितेन्द्र शर्मा, संजीव गुप्ता और मुकेश गोयल की संपत्तियां भी जांच एजेंसी के निशाने पर हैं। एसीबी की विशेष जांच टीम (SIT) इन आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देशभर में तलाश कर रही है।

इस बीच अदालत ने चारों आरोपियों की जमानत याचिका भी खारिज कर दी है। इसके बाद एसीबी ने कोर्ट से उनकी संपत्तियां जब्त करने की अनुमति मांगी है।

यदि अदालत से अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो जल्द ही इन चारों अधिकारियों की संपत्तियों पर कार्रवाई शुरू हो सकती है। माना जा रहा है कि जल जीवन मिशन घोटाले में यह अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई साबित हो सकती है।

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