भारतीय किसान संघ, देश का सबसे बड़ा किसान संगठन होने के नाते अपनी स्थापना काल से ही किसानों के हितों की रक्षा एवं उनके अधिकारों के लिए निरंतर कार्य करता रहा है। चाहे विषय प्रदेश स्तर का हो अथवा राष्ट्रीय स्तर का, भारतीय किसान संघ ने सदैव किसान हित को सर्वोपरि रखते हुए अपना स्पष्ट एवं सकारात्मक मत रखा है। किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए संगठन समय-समय पर संवाद, जनजागरण, ज्ञापन, धरना-प्रदर्शन एवं आंदोलन जैसे लोकतांत्रिक माध्यमों का उपयोग करता रहा है।

वर्तमान कृषि परिस्थितियों एवं किसानों की समस्याओं को देखते हुए भारतीय किसान संघ ने सरकार के समक्ष निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखी हैं-

खाद-बीज वितरण में सुधार – ई-टोकन वितरण प्रणाली में आ रही विसंगतियों का शीघ्र निराकरण कर किसानों को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराया जाए। ई-टोकन के साथ-साथ ई पेमेंट यानी ई-भुगतान की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए जिससे कि पारदर्शिता बनी रहे

सैटेलाइट सर्वे की समस्याओं का समाधान – सैटेलाइट आधारित भूमि सीमांकन एवं हदबंदी में उत्पन्न हो रही तकनीकी एवं व्यावहारिक समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए।

समर्थन मूल्य की गारंटी – जिन फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) घोषित किया गया है, किसानों को उन्हें समर्थन मूल्य से कम पर बेचने के लिए मजबूर न होना पड़े, इसकी प्रभावी व्यवस्था सरकार सुनिश्चित करे।

अल्प वर्षा से प्रभावित किसानों को राहत – कम वर्षा से क्षतिग्रस्त फसलों का तत्काल सर्वे कराकर किसानों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।

खरीफ फसल बीमा भुगतान हो – वर्ष 2024 25 रवि एवं खरीफ फसलों के बीमा का केंद्रांश आ चुका है. प्रदेश सरकार अपना अंश मिलकर उसे रिलीज करें।

घातक रसायनों पर प्रतिबंध – भारत सरकार द्वारा पैराक्वाट डाइक्लोराइड पर लगाए गए प्रतिबंध का भारतीय किसान संघ स्वागत करता है। साथ ही अन्य स्वास्थ्य एवं पर्यावरण के लिए हानिकारक रासायनिक उत्पादों पर भी प्रतिबंध लगाने की मांग करता है।

इथेनॉल नीति का समर्थन – भारतीय किसान संघ का मानना है कि इथेनॉल को लेकर राजनीतिक कारणों से दुष्प्रचार किया जा रहा है। इथेनॉल नीति किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, इसलिए संगठन सरकार के इस निर्णय का समर्थन करता है।

जायद मूंग की शत-प्रतिशत समर्थन मूल्य पर खरीदी – जायद मूंग की पूरी उपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी सुनिश्चित की जाए तथा किसानों की इस मांग पर सरकार गंभीरता से निर्णय ले।

काला बाजारी करने वालों पर कार्यवाही – प्रदेश में अनेक ऐसे व्यापारियों पर काला बाजारी करते हुए कार्रवाई की जा चुकी है पर अभी तक उन पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई है जिस पर शीघ्र अमल किया जाए और कालाबाजारी प्रदेश में रोकने हेतु सशक्त प्रयास किए जाएं।

अल्प वर्षा की स्थिति में 24 घंटे बिजली – अल-नीनो के कारण संभावित अल्प वर्षा की स्थिति में सिंचाई के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु सरकार विशेष कार्ययोजना बनाए।

जैविक उत्पादों के लिए बाजार व्यवस्था – जैविक खेती करने वाले किसानों के उत्पादों के विक्रय हेतु प्रत्येक तहसील स्तर पर ‘जैविक हाट’ स्थापित किए जाएं, जिससे किसानों को उचित बाजार एवं लाभकारी मूल्य मिल सके।

भारतीय किसान संघ का मानना है कि यदि इन विषयों पर सरकार समयबद्ध एवं सकारात्मक निर्णय लेती है, तो किसानों को बड़ी राहत मिलेगी तथा कृषि क्षेत्र को नई दिशा प्राप्त होगी। संगठन ने सरकार से आग्रह किया है कि किसान हित में इन मांगों पर शीघ्र निर्णय लेकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। आज माननीय मुख्यमंत्री से किसान संघ की मुलाकात के दौरान यह तय किया गया कि कैलारस शुगर मिल को सहकारिता के साथ शुरू किया जाएगा जिला कलेक्टर और शेयर होल्डर किस टेक्निकल एडवाइजर और तकनीकी सलाहकारों की समिति गठित करने का निर्णय लिया है किसान संघ इसका स्वागत करता है

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply