• मुंबई में आयोजित हुई अहम इंवेस्टर राउंड टेबल मीटिंग
  • मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को किया आमंत्रित
  • केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा- टेलीकॉम आत्मनिर्भर बन चुका देश
  • ग्वालियर में टेलीकॉम मेन्यूफेक्चरिंग जोन का भूमि-पूजन जल्द
  • टेलीकॉम सेक्टर के लिए भारत सरकार के साथ राज्य सरकार ने किया एमओयू

मध्यप्रदेश को टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में बड़ी सौगात मिलने जा रही है। ग्वालियर में देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (TMZ) स्थापित किया जाएगा। इसको लेकर भारत सरकार और मध्यप्रदेश सरकार के बीच एमओयू हो चुका है। जोन का भूमि-पूजन अगले दो से तीन माह में किए जाने की तैयारी है।

इसी सिलसिले में मंगलवार को मुंबई में इन्वेस्टर राउंड टेबल मीटिंग आयोजित की गई। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और बड़ी संख्या में निवेशकों ने हिस्सा लिया। बैठक में टेलीकॉम सेक्टर में निवेश, रोजगार, कनेक्टिविटी और मध्यप्रदेश में उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं पर चर्चा हुई।

जो एक बार MP आता है, वापस नहीं जाता-CM

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा कि प्रदेश में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया गया है। उन्होंने कहा कि “एक बार जो यहां आकर व्यापार-व्यवसाय करता है, फिर मध्यप्रदेश से जाता नहीं है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में राज्य सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के चलते लगभग हर क्षेत्र में निवेश आया है। मध्यप्रदेश में सस्ती बिजली, कुशल श्रमिक और बेहतर कानून व्यवस्था निवेशकों के लिए बड़ी ताकत हैं।

ग्वालियर TMZ में निवेशकों को मिलेंगे बड़े फायदे

ग्वालियर में बनने वाले टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के पहले चरण के लिए 170 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। दूसरे चरण में करीब 400 एकड़ अतिरिक्त भूमि पर विस्तार की योजना पर विचार किया जा रहा है।

निवेशकों को यहां 1 रुपये प्रति वर्ग मीटर की लीज पर औद्योगिक भूखंड देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा निवेशकों को 50 प्रतिशत तक कैपिटल सब्सिडी और बड़े प्रोजेक्ट्स में श्रमिकों के वेतन के लिए 5 हजार रुपये प्रति श्रमिक प्रतिमाह तक सहायता देने की बात कही गई है।

सरकार के मुताबिक, यदि निवेशक 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश करते हैं, तो मध्यप्रदेश सरकार करीब 8 हजार करोड़ रुपये तक सब्सिडी के रूप में वापस करेगी।

10 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगा रोजगार

ग्वालियर टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में टेलीकॉम उपकरणों के निर्माण के लिए पूरा इकोसिस्टम विकसित किया जाएगा। यहां 6 स्पेशल टेस्टिंग लैब भी उपलब्ध होंगी।

सरकार का अनुमान है कि इस क्षेत्र के विकसित होने से 10 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। बिजली, पानी और जमीन भी निवेशकों को अपेक्षाकृत सस्ती दरों पर उपलब्ध कराने की योजना है।

सिंधिया बोले- Telecom में आत्मनिर्भर बना भारत

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के टेलीकॉम और डिजिटल सेक्टर में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि कभी भारत अपनी जरूरत के करीब 85 प्रतिशत मोबाइल फोन आयात करता था, जबकि आज देश में हर साल करीब 33 करोड़ मोबाइल फोन का निर्माण हो रहा है।

सिंधिया ने कहा कि भारत अब दुनिया का दूसरा बड़ा टेलीकॉम आत्मनिर्भर देश बन चुका है। ग्वालियर के टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन में निवेशकों को प्लग एंड प्ले सुविधा और ग्लोबल स्टैंडर्ड की सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है।

‘मेक इन MP’ से ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ की ओर बढ़ेगा प्रदेश

सरकार का फोकस मध्यप्रदेश को अलग-अलग सेक्टर के लिए विशेष औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने पर है। ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन के साथ धार में PM मित्र पार्क और नर्मदापुरम के बाबई-मोहासा में इलेक्ट्रिकल उपकरण पार्क पर भी काम किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मेक इन एमपी’ और ‘फेथ इन एमपी’ के जरिए प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। ग्वालियर का टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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