जयपुर। राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों से पहले सियासी पारा चढ़ता जा रहा है। भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेजी से जारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर कामकाज की विफलताओं का आरोप लगाते हुए “इंतजार शास्त्र” सीरीज शुरू की है। वहीं, बीजेपी भी कांग्रेस के हर आरोप का जोरदार जवाब दे रही है। महिला आरक्षण को लेकर सियासत और गर्म हो गई है।
कांग्रेस बीजेपी पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मदान राठौड़ और वरिष्ठ नेता घनश्याम तिवाड़ी ने पलटवार किया है। उनका कहना है कि संसद में महिला आरक्षण बिल सर्वसम्मति से पास हुआ था, जिसमें कांग्रेस का भी समर्थन था। बीजेपी का आरोप है कि अब कांग्रेस उसी मुद्दे पर राजनीति कर जनता को गुमराह कर रही है।
इसके जवाब में अशोक गहलोत ने कहा कि बीजेपी की कथनी और करनी में फर्क है और इसे केवल चुनावी रणनीति के तौर पर देखा जा सकता है।
राजस्थान में निकाय और पंचायत चुनावों के मद्देनज़र यह राजनीतिक खींचतान आगामी महीनों में और तेज होने की संभावना है, जिससे राजनीतिक हलचल और जनता में बहस बढ़ती दिखाई दे रही है।
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