मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार श्रमिकों और उद्योगों के समन्वित विकास की दिशा में लगातार ठोस कदम उठा रही है। इस समन्वय का सकारात्मक प्रभाव अब जमीनी स्तर पर साफ दिखाई देने लगा है।
उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन के जन्मदिन (12 अप्रैल) के अवसर पर यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि उनके कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी सोच ने राज्य को प्रगति और समृद्धि की नई राह पर अग्रसर किया है।
छत्तीसगढ़ के रजत जयंती वर्ष 2026 में विकास की यह यात्रा केवल योजनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक दृष्टिकोण का परिणाम है, जिसमें श्रमिक, युवा, उद्यमी और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर आगे बढ़ने का संकल्प शामिल है।
श्रमिकों के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने कई प्रेरणादायक पहल की हैं। श्रमिकों के बच्चों को उत्कृष्ट विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराना एक ऐतिहासिक कदम है, जो आने वाली पीढ़ियों को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। वहीं मेधावी विद्यार्थियों को लाखों रुपये की प्रोत्साहन राशि देना सरकार की प्रतिभा-आधारित सोच को दर्शाता है।
आर्थिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। पिछले दो वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये सीधे श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर किए गए हैं, जिससे पारदर्शिता और भरोसा दोनों मजबूत हुए हैं।
श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए आवास सहायता, दुर्घटना सहायता और विशेष रूप से ‘शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना’ जैसी योजनाएं बेहद प्रभावी साबित हो रही हैं। इस योजना के तहत मात्र 5 रुपये में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
औद्योगिक क्षेत्र में भी छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। नई औद्योगिक नीति 2024-30 के माध्यम से निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार के अवसर सृजित करने की दिशा में बड़े कदम उठाए गए हैं। राज्य में करोड़ों रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं, सैकड़ों नए उद्योग स्थापित हुए हैं और हजारों युवाओं को रोजगार मिला है।
नवा रायपुर में देश का पहला एआई डाटा सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल, सेमीकंडक्टर और आईटी सेक्टर में निवेश तथा स्टार्टअप नीति का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ को आधुनिक तकनीकी युग की ओर तेजी से अग्रसर कर रहा है।
प्रशासनिक सुधारों के तहत ई-निविदा प्रणाली और सिंगल विंडो सिस्टम लागू किए गए हैं, जिससे निवेश प्रक्रिया सरल और पारदर्शी बनी है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ अब निवेशकों के लिए एक उभरता हुआ आकर्षक गंतव्य बनता जा रहा है।
सामाजिक समावेशन को भी राज्य सरकार ने विकास का आधार बनाया है। महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन, कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल और दूरस्थ क्षेत्रों में औद्योगिक विकास जैसी पहलें यह सुनिश्चित करती हैं कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे।
उद्योग एवं श्रम मंत्री लखनलाल देवांगन ने अपने नेतृत्व और कार्यशैली से यह सिद्ध किया है कि संवेदनशीलता और दूरदृष्टि के साथ किया गया कार्य ही वास्तविक विकास की पहचान बनता है। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
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