भोपाल के लालघाटी स्थित श्री काल भैरव मठ में ज्येष्ठ मास कृष्ण पक्ष की अष्टमी, दिन मंगलवार, 20 मई 2025 को आधी रात 12:00 बजे भगवान श्री काल भैरव जी की महाआरती, पूजन, श्रृंगार एवं विजयमदेहि हवन का आयोजन किया जाएगा। मठ प्रवक्ता पंडित दीपक तिवारी ने जानकारी देते हुए सभी धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से महाआरती में पधारकर धर्म लाभ प्राप्त करने की अपील की है।
श्री काल भैरव जी का परिचय एवं इतिहास:
शिव के रौद्र रूप भगवान काल भैरव को न्याय के देवता और समय के स्वामी कहा जाता है। मान्यता है कि जब ब्रह्मा जी ने अहंकारवश भगवान शिव का अपमान किया, तब उनके पांचवें मस्तक को काटने हेतु शिव ने काल भैरव रूप धारण किया। इस घटना के पश्चात शिव ने काल भैरव को काशी का कोतवाल नियुक्त किया, जहाँ बिना उनकी अनुमति कोई भी प्रवेश नहीं कर सकता।
काल भैरव को “काल” अर्थात समय और मृत्यु का नियंता माना जाता है। उनका रूप उग्र होता है लेकिन वे अपने भक्तों के लिए करुणामय और रक्षक देवता हैं।
श्री काल भैरव जी की आराधना से मिलने वाले लाभ:
• भय, संकट और रोगों का नाश होता है
• शत्रु नष्ट होते हैं और कोर्ट-कचहरी के मामलों में विजय प्राप्त होती है
• समय का नियंत्रण और जीवन में अनुशासन आता है
• तंत्र-मंत्र बाधा से रक्षा होती है
• व्यापार, नौकरी और निर्णय शक्ति में वृद्धि होती है
पूजन विधि (उपासना विधि):
1. काल भैरव जी को प्रसन्न करने के लिए दिन मंगलवार या रविवार को विशेष रूप से पूजन करें।
2. पूजा में काले तिल, सरसों का तेल, मदिरा (प्रचलित परंपरा अनुसार), गुलाल, नींबू और धूप-दीप का उपयोग करें।
3. श्री भैरव अष्टकम्, भैरव चालीसा, या “ॐ कालभैरवाय नमः” का 108 बार जाप करें।
4. भैरव बाबा को कुत्ते (विशेषतः काले कुत्ते) को भोजन कराना पुण्यदायक माना गया है।
महाआरती विशेष आयोजन:
भोपाल के श्री काल भैरव मठ में आयोजित होने वाली इस महाआरती में रात्रि 12:00 बजे भगवान का विशेष श्रृंगार, मंत्रोच्चार, विजयमदेहि हवन तथा आरती की भव्य परंपरा निभाई जाएगी। यह आयोजन न केवल धार्मिक भावनाओं को जागृत करेगा, बल्कि यह समय के अधिपति भगवान भैरव की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है।
जो भी श्रद्धालु काल भैरव जी की सच्ची श्रद्धा से पूजा करते हैं, उनके जीवन में भय, अवरोध और कष्ट समाप्त हो जाते हैं। धर्मप्रेमी जन इस रात्रिकालीन महाआरती में सहभागी बनकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
पंडित दीपक तिवारी, श्री काल भैरव मठ, लालघाटी, भोपाल
publicfirstnews.com
