उज्जैन औद्योगिक विकास के नए दौर में कदम रखने जा रहा है। अडानी ग्रुप ने उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी, उज्जैन-देवास रोड पर 3500 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक सीमेंट फैक्ट्री स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस निवेश के लिए प्रशासन ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे परियोजना की राह अब लगभग साफ हो चुकी है।

कैसे शुरू हुई पहल?

हाल ही में उज्जैन में आयोजित रीजनल इंडस्ट्रीज कॉन्क्लेव के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और अडानी ग्रुप के प्रतिनिधियों के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया। इसके बाद से प्रशासन और एमपीआईडीसी (मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम) ने तेजी से कदम बढ़ाते हुए जमीन अधिग्रहण की दिशा में काम शुरू किया।

परियोजना के संभावित लाभ

  • रोजगार सृजन: फैक्ट्री के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनेंगे।
  • औद्योगिक विकास: उज्जैन और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक ढांचे को नई दिशा मिलेगी।
  • निवेश आकर्षण: इस निवेश से अन्य बड़ी कंपनियां भी उज्जैन में उद्योग लगाने के लिए प्रेरित होंगी।
  • स्थानीय अर्थव्यवस्था में मजबूती: कच्चे माल, परिवहन और सहायक उद्योगों को बड़ा फायदा होगा।

अधिकारियों की राय

राजेश राठौड़, कार्यकारी निदेशक, एमपीआईडीसी ने कहा –

“अडानी समूह की यह परियोजना उज्जैन की औद्योगिक प्रगति के लिए महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा।”

निष्कर्ष

अडानी ग्रुप का 3500 करोड़ का यह निवेश न केवल उज्जैन के औद्योगिक नक्शे को बदलने वाला है, बल्कि पूरे मालवा क्षेत्र के लिए आर्थिक उन्नति का आधार बनेगा। आने वाले समय में यह परियोजना उज्जैन को मध्यप्रदेश के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में स्थापित कर सकती है।

publicfirstnews.com

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