पब्लिक फर्स्ट। छतरपुर, चंदला । उदय अवस्थी।
छतरपुर जिले के चंदला विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत लवकुशनगर थाना क्षेत्र के हरद्वार गांव में एक महिला की इलाज के दौरान संदिग्ध हालात में मौत हो गई। मृतका की पहचान मालती पाल के रूप में हुई है।
परिजनों के अनुसार, मालती को बुखार की शिकायत थी। परिजन उसे गांव के एक निजी क्लीनिक में इलाज के लिए ले गए, जहां डॉक्टर ने उसे एक इंजेक्शन और बोतल चढ़ाई। इलाज के बाद घर लौटने पर मालती अचानक बेहोश हो गई और उसके मुंह से झाग निकलने लगा।
तत्काल परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, लवकुशनगर ले गए, जहां डॉक्टरों ने मालती को मृत घोषित कर दिया।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मालती पाल के पति की डेढ़ वर्ष पहले सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। अब इस घटना में मालती की भी मौत हो जाने से दो छोटे बच्चों के सिर से मां-बाप दोनों का साया उठ गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और गांव में मातम का माहौल है।
परिजनों का आरोप और मांग
- परिजनों ने निजी क्लीनिक के डॉक्टर पर लापरवाही और गलत इलाज का आरोप लगाया है।
- उन्होंने प्रशासन और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
- मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को दी गई है और जांच की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
झोलाछाप डॉक्टरों पर सवाल
यह घटना ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की सुरक्षा और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
- क्या गांवों में सक्रिय झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीणों की जान के लिए खतरा बन रहे हैं?
- क्या प्रशासन इन पर अंकुश लगाने के लिए ठोस कदम उठाएगा?
यह घटना प्रशासन के लिए चेतावनी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में फर्जी डॉक्टरों की गतिविधियों और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को और मजबूत किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
