शोहरतगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक विनय वर्मा एक नए विवाद में फंसे नजर आ रहे हैं। आरोप है कि विधायक और उनके करीबी ठेकेदार प्रदीप कमलापुरी ने गांधी आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज, बढ़नी पर कब्जा करने का प्रयास किया और 1857 के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिवार के सम्मान को ठेस पहुँचाई।

कुनाल प्रताप शाह, जो सोसायटी के प्रबंधक हैं और परिवार की तरफ से स्कूल का संचालन करते हैं, का कहना है कि विधायक और ठेकेदार अपनी राजनीतिक और निजी स्वार्थ की खातिर स्कूल और सोसायटी पर लगातार दबाव डाल रहे हैं। उनका आरोप है कि यह प्रयास उनके परिवार की नेपाल नागरिकता को राजनीतिक मुद्दा बनाने के जरिए किया जा रहा है, जबकि हाईकोर्ट पहले ही इस मामले में उनका पक्ष मान चुका है।

टेंट और कैटरिंग प्रकरण से बढ़ा विवाद

कुनाल प्रताप शाह ने बताया कि जनवरी 2024 में स्कूल में विधायक विनय वर्मा का एक कार्यक्रम हुआ था। इस दौरान टेंट और कैटरिंग सेवाओं की व्यवस्था की गई। भुगतान मांगने पर ठेकेदार प्रदीप कमलापुरी ने स्कूल प्रिंसिपल विजय वर्मा और प्रबंधन समिति पर दबाव डाला। स्कूल ने भुगतान से मना किया, जिससे ठेकेदार नाराज हो गया और विधायक के कान भर दिए। इसके बाद विधायक अपने रसूख का उपयोग कर स्कूल और समिति पर लगातार दबाव डाल रहे हैं।

बेटे की परीक्षा में फेल होने से बढ़ी नाराजगी

कुनाल शाह के अनुसार मामला तब और बिगड़ गया जब प्रदीप कमलापुरी का बेटा शुभ गुप्ता स्कूल में परीक्षा केंद्र बना। पिता ने परीक्षा में बेटे को पास कराने का दबाव डाला, लेकिन प्रिंसिपल ने उसे ठुकरा दिया। इसके बाद शुभ गुप्ता सभी छह विषयों में फेल हो गया। कुनाल शाह का कहना है कि इसके बाद ठेकेदार और विधायक ने स्कूल पर दबाव डालना शुरू कर दिया।

विद्यालय का ऐतिहासिक और सामाजिक महत्व

गांधी आदर्श विद्यालय इंटर कॉलेज की नींव 1946 में डॉ. रुद्र प्रताप शाह ने भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में रखी थी। 1949 में इसे औपचारिक रूप से शिक्षा केंद्र बनाया गया। स्कूल न सिर्फ शिक्षा का केंद्र रहा बल्कि भारत और नेपाल के हजारों विद्यार्थियों के लिए आपसी विश्वास और सांस्कृतिक भाईचारे का प्रतीक भी रहा।

कुनाल शाह ने स्पष्ट किया कि स्कूल की संपत्ति या जमीन किसी निजी व्यक्ति या परिवार के नाम पर नहीं है। इसके बावजूद, निजी लाभ और स्वार्थ के चलते विधायक और ठेकेदार नेपाल के प्रति नकारात्मक माहौल तैयार कर रहे हैं।

कुनाल शाह का कहना है कि उनके परिवार की नेपाल नागरिकता को लेकर राजनीतिक मुद्दा बनाया जा रहा है, जबकि हाईकोर्ट पहले ही उनका पक्ष मान चुका है। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज 1857 के गदर में ब्रिटिश फौज से विद्रोह करने के बाद नेपाल से शरण प्राप्त कर चुके थे।

ठेकेदार का स्कूल पर दबाव और धमकियाँ

कुनाल शाह के अनुसार, स्कूल प्रबंधन समिति पर ठेकेदार और विधायक द्वारा लगातार दबाव डाला जा रहा है। स्कूल पर 600 रुपये की सरकारी फीस को 6000 रुपये बताकर, प्रबंधकों को मानसिक और शारीरिक धमकी दी जा रही है। हालांकि कोई कानूनी कार्रवाई या प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है।

स्थानीय नागरिक सुजीत अग्रहरी ने कहा कि यह विद्यालय किसी एक परिवार की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे सीमावर्ती क्षेत्र की साझा विरासत है। शाह परिवार का योगदान केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पीढ़ियों को शिक्षित करने और राष्ट्रभावना से जोड़ने का कार्य किया। यही कारण है कि क्षेत्र में शाह परिवार आज भी सम्मान और कृतज्ञता के साथ याद किया जाता है।

ठेकेदार और विधायक के संबंध

कुनाल शाह ने बताया कि ठेकेदार प्रदीप कमलापुरी ने शोहरतगढ़ में विधायक विनय वर्मा के 95 प्रतिशत से अधिक विकास कार्य किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब जांच के बावजूद विधायक ने निजी स्वार्थ के लिए स्कूल से जोड़ दिया और निराधार बयानबाजी कर रहे हैं।

कुनाल शाह का कहना है कि विधायक और उनके ठेकेदार की मनमानी स्कूल के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित कर रही है। इसके बावजूद, उनका परिवार न्याय पर विश्वास करता है और उम्मीद करता है कि न्यायालय इस विवाद में उचित फैसला देगा।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.
Leave A Reply