मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने खंडवा प्रवास के दौरान स्वास्थ्य और महिला-बाल कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों की गहन समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने मातृ एवं शिशु आरोग्य केंद्र का निरीक्षण किया और वहां उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने केंद्र में उपचार और देखभाल की व्यवस्थाओं का जायज़ा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजराजेश्वरी सेवा भारती न्यास द्वारा संचालित ‘कुपोषण मुक्त भारत अभियान’ की गतिविधियों का भी अवलोकन किया। उन्होंने अभियान के तहत किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को पोषण आहार सामग्री का वितरण भी किया। उन्होंने महिलाओं से सीधे संवाद करते हुए उनके स्वास्थ्य, पोषण और उपचार से संबंधित समस्याओं की जानकारी ली और आश्वस्त किया कि सरकार माताओं और बच्चों के समग्र स्वास्थ्य के लिए निरंतर प्रयासरत है।
डॉ. मोहन यादव ने आरोग्य केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा सेवाओं, दवाइयों, पोषण आहार और स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुपोषण को समाप्त करना और मातृ-शिशु मृत्यु दर को कम करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य जरूरी है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। उन्होंने यह भी कहा कि समाज के सहयोग से ही कुपोषण मुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री के इस निरीक्षण और संवाद कार्यक्रम को स्थानीय स्तर पर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को बल मिलेगा।
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