भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताज़ा पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर भारत के कई हिस्सों में रात और सुबह के समय घना से बहुत घना कोहरा छाया रहने की संभावना बनी हुई है, जिसमें पश्चिम मध्य प्रदेश जैसे इलाकों में भी दृश्यता में भारी कमी दर्ज की जा रही है।
सुबह-सुबह दृश्यता इतनी कम हो जाती है कि वाहन चालकों को हेडलाइट का सहारा लेकर धीमी गति से चलना पड़ता है, खासकर इंदौर-बैतूल हाईवे मार्ग पर कई जगह यह हालत देखी जा रही है, जिससे आवागमन कठिन है और सड़क पर सावधानी बरतने की अपील जारी है।
कोहरे और सर्दी का प्रभाव जारी
कोहरा सिर्फ दृश्यता कम कर रहा है बल्कि ठंड को भी और तीव्र बना रहा है। IMD के अनुसार कोहरे के दौरान तापन का वितरण सीमित होता है, जिससे हवा अधिक ठंडी महसूस होती है और न्यूनतम तापमान कम रहता है।
स्थानीय लोगों ने बताया है कि सुबह-सुबह बाहर निकलना मुश्किल है और कई लोगों के अनुसार तापमान दैनिक गतिविधियों पर सीधा असर डाल रहा है।
स्कूलों में छुट्टी / प्रशासनिक आदेश
कलेक्टर ऋतुराज सिंह के निर्देश के बाद कई जिलों में नर्सरी से कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।
यह फैसला मुख्य रूप से बच्चों की सेहत और सुरक्षित आवागमन के लिए लिया गया, क्योंकि सुबह-सुबह कोहरे की वजह से स्कूल आने-जाने में जोखिम बढ़ रहा था।
मध्य प्रदेश के ग्वालियर, मंदसौर, शाजापुर, विदिशा, आगर मालवा, हरदा, नीमच, रतलाम और राजगढ़ समेत कई जिलों के स्कूलों में अलग-अलग अवधि के लिए छुट्टियां या समय में बदलाव किए गए हैं।
यातायात पर असर
कोहरे की वजह से इंदौर-बैतूल हाईवे सहित अन्य ग्रामीण और राजमार्गों में वाहन चालना मुश्किल हो गया है। विशेष रूप से सुबह के समय दृश्यता कम होने से गाड़ियाँ धीमी चल रही हैं और ड्राइवरों को हेडलाइट पर अधिक निर्भर रहना पड़ रहा है।
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