कांग्रेस की शोपियां जिला अध्यक्ष शबनम जान ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर “MGNREGA बचाओ संग्राम” की औपचारिक शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार की प्रस्तावित VB-G RAM G (विकसित भारत गारंटी – रोजगार एवं आजीविका मिशन, ग्रामीण) पहल का कड़ा विरोध किया और इसे ग्रामीण आजीविका के लिए खतरा बताया।

मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए शबनम जान ने कहा कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (MGNREGA) शोपियां जिले में ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उनके अनुसार, जिले में हजारों गरीब और श्रमिक परिवार अपनी आजीविका के लिए इस योजना पर निर्भर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि MGNREGA को कमजोर करने वाला कोई भी कदम सीधे तौर पर ग्रामीण मजदूरों, महिलाओं और कमजोर वर्गों को प्रभावित करेगा।

“MGNREGA ग्रामीण गरीबों का सुरक्षा कवच”

कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने कहा कि MGNREGA केवल एक रोजगार योजना नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण गरीबों के लिए न्यूनतम आय सुरक्षा सुनिश्चित करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस योजना के माध्यम से मजदूरों को समय पर काम और मजदूरी मिलती रही है, जिससे ग्रामीण पलायन पर भी नियंत्रण हुआ है।

शबनम जान ने कहा,
“MGNREGA हजारों ग्रामीण परिवारों के लिए आय का एकमात्र सुनिश्चित स्रोत है। इसे कमजोर करने या किसी समानांतर व्यवस्था से बदलने का मतलब है गरीबों की आजीविका से समझौता करना।”

VB-G RAM G को लेकर कांग्रेस का विरोध

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शबनम जान ने VB-G RAM G पहल का कड़ा विरोध करते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस नई पहल के जरिए MGNREGA को व्यवस्थित रूप से कमजोर करने की कोशिश कर रही है।

उनका कहना था कि VB-G RAM G जैसी योजनाएं MGNREGA के समानांतर लाकर ग्रामीण मजदूरों में भ्रम पैदा किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि इससे रोजगार की गारंटी का अधिकार-आधारित स्वरूप कमजोर हो सकता है।

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