माँ अहिल्या की नगरी तराना में हिंदू धर्म के प्रमुख पर्व मकर संक्रांति की धूम रही। पूरे देश में इस दिन को खुशी और उत्साह के साथ मनाया जाता है। मकर संक्रांति के अवसर पर लोग सूर्य देव की पूजा करते हैं और घरों में तिल-गुड़ के लड्डू, गजक, चिक्की जैसी पारंपरिक मिठाइयाँ बनाई जाती हैं। साथ ही देश के कई हिस्सों में पतंग उड़ाने की परंपरा भी होती है, जिससे आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से सज जाता है।

तराना नगर में इस अवसर को विशेष बनाने के लिए मंगलनाथ मंदिर और सिद्धेश्वर महादेव मंदिर पर प्रतिवर्ष जलेबी वितरण का आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी दिनेश कुमावत मित्र मंडली द्वारा यह आयोजन उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में तराना नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से श्रद्धालु एवं भक्तों ने भारी संख्या में भाग लिया। उपस्थित लोगों ने गरमा-गरम जलेबी का आनंद लिया और एक-दूसरे को मकर संक्रांति की बधाइयाँ दीं। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा वर्षों से चल रही है और स्थानीय लोगों में इसे लेकर विशेष उत्साह देखने को मिलता है।

दिनेश कुमावत मित्र मंडली के सदस्य इस अवसर पर सभी भक्तों और ग्रामीणों का स्वागत करते हुए मिठाई वितरित करते रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कहा कि जलेबी वितरण का यह आयोजन पारंपरिक त्योहारों की भावना और स्थानीय संस्कृति को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर तराना नगर में त्योहार की रौनक और उत्साह देखते ही बन रहा था। श्रद्धालुओं ने इस आयोजन की सराहना की और आयोजकों का धन्यवाद किया।

PUBLICFIRSTNEWS.COM

Share.

Comments are closed.