मध्यप्रदेश वन विभाग और मप्र इको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड के सहयोग से गुरुवार को शाहनगर वन परिक्षेत्र के टिकरिया बीट, बालाजी धाम में “अनुभूति कैंप” का आयोजन किया गया। यह कैंप बच्चों में वन और वन्यजीवन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस वर्ष की वार्षिक थीम “हम धरती के दूत” पर आधारित इन शिविरों में लगभग 150 स्कूली बच्चों ने हिस्सा लिया।

एक दिवसीय इस शिविर में बच्चों को वन क्षेत्र का विस्तृत भ्रमण कराया गया। प्रशिक्षकों ने बच्चों को वनस्पतियों और वन्य जीवों की जानकारी, उनकी उपयोगिता और वनों के जैविक विकास में उनके महत्व के बारे में बताया।

इस दौरान छात्राओं ने वन क्षेत्र में आकर्षक रंगोली बनाई, वहीं सभी बच्चों ने पन्ना के टाइगर के पदचिन्ह का आकार बनाकर श्रृंखला तैयार की।

दोपहर में बच्चों ने भ्रमण आधारित प्रश्नोत्तरी, गीत और कविताओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा दिखाई और वन संरक्षण के प्रति अपनी समझ बढ़ाई। शिविर में बच्चों को वन आधारित पुस्तकें और उपहार भी वितरित किए गए।

शिविर में डिप्टी डीएफओ नितिन निगम, फॉरेस्ट रेंजर राजुल कटारे, विभिन्न वन कर्मचारी, शिक्षक और स्थानीय लोग भी शामिल रहे।

अनुभूति कैंप बच्चों में वन संरक्षण के प्रति उत्साह और जागरूकता पैदा करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है।

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