शाजापुर। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री सीएम डॉ. मोहन यादव धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ाव को लगातार प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री ने शाजापुर जिले के प्रसिद्ध सेमली धाम पहुंचकर संत श्री पं. कमल किशोर नागर जी के मुखारविंद से आयोजित “श्रीमद् भागवत कथा” का श्रवण किया और संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।
सेमली धाम में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कथा श्रवण के दौरान धर्म, संस्कृति और भारतीय परंपराओं के महत्व पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और लोगों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
कार्यक्रम के दौरान सीएम डॉ. मोहन यादव ने सेमली धाम स्थित देवाधिदेव महादेव मंदिर में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की। मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश के विकास और सामाजिक समरसता के लिए प्रार्थना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान उसकी परंपराओं, धार्मिक स्थलों और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी हुई है। सरकार इन मूल्यों को संरक्षित रखते हुए प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करना आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों से जोड़ने का माध्यम है।
सेमली धाम में आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं में खास उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री की उपस्थिति से आयोजन को विशेष महत्व मिला। धार्मिक आयोजनों में जनभागीदारी को सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक माना जा रहा है।
प्रदेश सरकार लगातार धार्मिक पर्यटन, मंदिर विकास और सांस्कृतिक आयोजनों को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री का यह दौरा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा रहा, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने के संदेश के रूप में भी देखा जा रहा है।
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