कृषक कल्याण वर्ष 2026 में मध्यप्रदेश कृषि के क्षेत्र में एक नई पहचान गढ़ता नजर आ रहा है। प्रदेश अब केवल परंपरागत खेती तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पुष्प उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में शामिल हो चुका है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के विजनरी नेतृत्व में आज मध्यप्रदेश के 40 हजार से अधिक किसान लगभग 45 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती कर रहे हैं। यह बदलाव इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में खेती अब केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि एक लाभकारी और टिकाऊ उद्यम बनती जा रही है।
राज्य के किसान गेंदा, गुलाब, सेवंती, ग्लैडियोलस और कार्नेशन जैसे व्यावसायिक फूलों की खेती कर रहे हैं। इन फूलों की मांग न सिर्फ स्थानीय बाजारों में है, बल्कि दिल्ली, मुंबई, जयपुर जैसे बड़े शहरों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक भी पहुँच रही है।
फूलों की खेती का सबसे बड़ा लाभ यह है कि कम समय में बेहतर आमदनी होती है, जिससे छोटे और सीमांत किसान भी आर्थिक रूप से सशक्त बन रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार ने सरल कृषि नीतियाँ, तकनीकी प्रशिक्षण, उद्यानिकी विभाग के माध्यम से सहायता और निरंतर निवेश को प्राथमिकता देकर किसानों को आगे बढ़ने का मजबूत आधार प्रदान किया है।
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