उज्जैन। धर्मनगरी उज्जैन में सिंहस्थ की आरक्षित भूमि पर आस्था की आड़ लेकर किए जा रहे व्यावसायिक अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। Ujjain में अलसुबह नगर निगम और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम भारी पुलिस बल के साथ लालपुर और नरसिंह घाट क्षेत्र पहुंची, जहां ‘आश्रम’ निर्माण के नाम पर खड़े किए जा रहे आलीशान और होटलनुमा अवैध ढांचों को जमींदोज कर दिया गया।
प्रमुख स्थानों पर कार्रवाई
प्रशासन को सूचना मिली थी कि श्री स्वामी पुण्यानंद आश्रम शंकराचार्य मठ, क्षत्रिय कलोता समाज पारमार्थिक न्यास और अखिल भारतीय चंद्रवंशी बागरी समाज जैसे स्थानों पर आश्रम की आड़ में भव्य व्यावसायिक निर्माण किए जा रहे हैं। जांच के दौरान शंकराचार्य मठ, माधवानंद आश्रम और इंद्रदेव गुरु के अवधेश शेड परिसर में भी पक्के और अवैध निर्माण पाए गए।
एक लाख स्क्वेयर फीट अवैध निर्माण ध्वस्त
अपर आयुक्त संतोष टैगोर और एसडीएम के नेतृत्व में चली इस मुहिम में जेसीबी और पोकलेन मशीनों की मदद से लगभग एक लाख स्क्वेयर फीट क्षेत्रफल में फैले अवैध निर्माणों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे।
प्रशासन का सख्त संदेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सिंहस्थ क्षेत्र की मर्यादा, मास्टर प्लान और आरक्षित भूमि का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आस्था की आड़ में व्यावसायिक गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
यह कार्रवाई उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र की पवित्रता और नियोजित विकास को बनाए रखने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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