इंदौर में बुधवार को हुए अग्निकांड में तीन बच्चों सहित आठ लोगों की जान चली गई। हादसे में घायल परिवार के सदस्य और स्थानीय लोग सदमे में हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मृतक परिवार के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया।
गुरुवार दोपहर मुख्यमंत्री इंदौर पहुंचे और जंजीरवाला चौराहा स्थित जैन श्वेतांबर तेरापंथी सभागृह में परिजनों से संवेदनशील बातचीत की। मृतक मनोज पुगलिया के बड़े बेटे सौरभ ने बताया कि फायर ब्रिगेड समय पर नहीं पहुंची। उनका मानना है कि यदि राहत तुरंत पहुंचती तो कुछ लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि घर के अंदर दरवाजे जाम होना अत्यंत दुखद है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाएगा और भविष्य में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ईवी चार्जिंग सिस्टम और घरों में लगने वाले इलेक्ट्रिक लॉक की सुरक्षा पर काम कर रही है।
अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए IIT सहित अन्य संस्थानों से चर्चा करने का भी निर्णय लिया है।
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