उज्जैन पहुंचे मुख्यमंत्री Mohan Yadav ने शिप्रा परिक्रमा यात्रा और जल संरक्षण अभियान को लेकर प्रदेश सरकार की तैयारियों की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में गुड़ी पड़वा से गंगा दशमी तक और 30 जून तक नदियों, बावड़ियों एवं जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए व्यापक जनभागीदारी अभियान चलाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गंगा दशहरा के अवसर पर पूरे प्रदेश में सामूहिक श्रमदान के जरिए जल संरक्षण और जनजागरूकता का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेशभर में लोग नदियों, कुओं और बावड़ियों के संरक्षण के लिए आगे आ रहे हैं, जो सकारात्मक बदलाव का संकेत है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल है। उन्होंने बताया कि हाल ही में जल शक्ति मंत्रालय के आंकड़ों के अवलोकन में प्रदेश के बेहतर कार्य सामने आए हैं। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी यह अभियान लगातार गति पकड़ता रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “जल ही जीवन है” और जल संरक्षण केवल संसाधनों को बचाने का प्रयास नहीं, बल्कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने का भी माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के आग्रह पर प्रदेशभर में जल संरचनाओं के संरक्षण और पुनर्जीवन का कार्य तेज़ी से किया जा रहा है।
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि वर्षों पहले रामघाट से शिप्रा परिक्रमा और गंगा दशहरा मनाने की परंपरा शुरू की गई थी। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष गंगा दशमी पर निकलने वाली शिप्रा परिक्रमा यात्रा भव्यता और गौरव के साथ आयोजित होगी तथा पूरे देश में जल संरक्षण का संदेश देगी।
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